{"_id":"61d9cfda7247016ab3182acc","slug":"9-teams-including-stf-still-no-clue-of-killers-balrampur-news-lko6126207138","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांचवे दिन भी पूर्व अध्यक्ष के हत्यारों को नहीं ढूंढ पाई पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांचवे दिन भी पूर्व अध्यक्ष के हत्यारों को नहीं ढूंढ पाई पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष व सपा नेता फिरोज अहमद उर्फ पप्पू के हत्यारों का सुराग पांच दिन बाद नहीं लग पाया है। एसटीएफ समेत पुलिस की 9 टीमें हत्यारों की तलाश में जुटी हैं।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनके हाथ घटना के संबंध में अहम सुराग लगे हैं, लेकिन कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पूर्व अध्यक्ष के घर परिजनों को सांत्वना देने आने वाले का सिलसिला जारी है। पूर्व अध्यक्ष के घर तथा नगर के प्रमुख चौराहों पर फोर्स तैनात है।
बीती मंगलवार की रात पूर्व अध्यक्ष की उनके आवास के पास गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। भाई की तहरीर पर पुलिस ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ के साथ-साथ पुलिस की कुल 9 टीमें लगी हुई हैं।
विज्ञापन
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तथा वहां पर घटना के समय मौजूद मोबाइल नंबर को खंगाला जा रहा है। इन सारेे प्रयासों के पांचवें दिन शनिवार को पुलिस हत्यारों को बेनकाब नहीं कर सकी है।
पूर्व अध्यक्ष की लोकप्रियता व उनके राजनीतिक कद को देखते हुए एसटीएफ तथा पुलिस कई दिशाओं में जांच कर रही है। हत्यारे स्थानीय हैं या फिर किसी ने भाड़े पर बुलाया है इस बात की चर्चा भी क्षेत्र में चल रही हैं।
मृतक के भाई ने अपनी तहरीर में शंका जताई है कि किसी ने यह हत्या सुनियोजित ढंग से कराई है। इस हत्या के पीछे किसकी साजिश है इसका भी पता अभी नहीं चल पाया है। परिजन भी हत्या के कारणों को जानने के लिए बेताब हैं। परिजनों का कहना है कि पूर्व अध्यक्ष की किसी से दुश्मनी ही नहीं थी।
इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि तुलसीपुर से नेपाल राष्ट्रीय की खुली सीमा मात्र 25 किमी दूर है। ऐसे में पूर्व अध्यक्ष की हत्या करने वाले हत्यारे भागकर नेपाल में भी शरण ले सकते हैं। हत्यारों का पांच दिन बाद भी कोई सुराग न मिल पाना भी इस तरफ बरबस ही इशारा करता है। पूर्व में कई अपराधी घटना के बाद नेपाल की शरण ले चुके हैं।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष की हत्या वाले स्थान के पास दीवार पर लिखा डू नाट फायर व मौत शब्द का राज अभी भी पुलिस नहीं खोल पाई है। दीवार पर लिखे गए यह शब्द किसने और क्यों लिखे इस बात की जानकारी अध्यक्ष के परिजन व नगरवासी चाहते हैं।
इसके अलावा घटना स्थल के पास लगी स्ट्रीट लाइट घटना से कुछ देर पूर्व ही तकनीकी रूप से खराब हुई या फिर किसी ने खराब कर दी इस बात का भी जबाब अभी तक नहीं मिल सका है। सीसीटीवी फुटेज में यदि किसी ने इस लाइट को खराब किया है तो उसकी फोटो जरूर होगी।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनके हाथ घटना के संबंध में अहम सुराग लगे हैं, लेकिन कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पूर्व अध्यक्ष के घर परिजनों को सांत्वना देने आने वाले का सिलसिला जारी है। पूर्व अध्यक्ष के घर तथा नगर के प्रमुख चौराहों पर फोर्स तैनात है।
विज्ञापन
बीती मंगलवार की रात पूर्व अध्यक्ष की उनके आवास के पास गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। भाई की तहरीर पर पुलिस ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ के साथ-साथ पुलिस की कुल 9 टीमें लगी हुई हैं।
विज्ञापन
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तथा वहां पर घटना के समय मौजूद मोबाइल नंबर को खंगाला जा रहा है। इन सारेे प्रयासों के पांचवें दिन शनिवार को पुलिस हत्यारों को बेनकाब नहीं कर सकी है।
पूर्व अध्यक्ष की लोकप्रियता व उनके राजनीतिक कद को देखते हुए एसटीएफ तथा पुलिस कई दिशाओं में जांच कर रही है। हत्यारे स्थानीय हैं या फिर किसी ने भाड़े पर बुलाया है इस बात की चर्चा भी क्षेत्र में चल रही हैं।
मृतक के भाई ने अपनी तहरीर में शंका जताई है कि किसी ने यह हत्या सुनियोजित ढंग से कराई है। इस हत्या के पीछे किसकी साजिश है इसका भी पता अभी नहीं चल पाया है। परिजन भी हत्या के कारणों को जानने के लिए बेताब हैं। परिजनों का कहना है कि पूर्व अध्यक्ष की किसी से दुश्मनी ही नहीं थी।
इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि तुलसीपुर से नेपाल राष्ट्रीय की खुली सीमा मात्र 25 किमी दूर है। ऐसे में पूर्व अध्यक्ष की हत्या करने वाले हत्यारे भागकर नेपाल में भी शरण ले सकते हैं। हत्यारों का पांच दिन बाद भी कोई सुराग न मिल पाना भी इस तरफ बरबस ही इशारा करता है। पूर्व में कई अपराधी घटना के बाद नेपाल की शरण ले चुके हैं।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष की हत्या वाले स्थान के पास दीवार पर लिखा डू नाट फायर व मौत शब्द का राज अभी भी पुलिस नहीं खोल पाई है। दीवार पर लिखे गए यह शब्द किसने और क्यों लिखे इस बात की जानकारी अध्यक्ष के परिजन व नगरवासी चाहते हैं।
इसके अलावा घटना स्थल के पास लगी स्ट्रीट लाइट घटना से कुछ देर पूर्व ही तकनीकी रूप से खराब हुई या फिर किसी ने खराब कर दी इस बात का भी जबाब अभी तक नहीं मिल सका है। सीसीटीवी फुटेज में यदि किसी ने इस लाइट को खराब किया है तो उसकी फोटो जरूर होगी।