{"_id":"5c547b2cbdec224e21134d1d","slug":"71549040428-balrampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लघु व सीमांत किसानों की बल्ले-बल्ले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लघु व सीमांत किसानों की बल्ले-बल्ले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। शुक्रवार को संसद में पेश किए गए केन्द्र सरकार के अग्रिम बजट के प्रावधानों से लघु व सीमांत किसानों की बल्ले-बल्ले हो गई है। पशुपालन के प्रति सभी लोगों का रूझान बढ़ेगा। असंगठित क्षेत्र के मजदूर की जीवन भी अब आराम से कट सकेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा आशा बहुएं भी अब सम्मानजनक जिंदगी मानदेय में बढ़ोत्तरी होने के कारण जी सकेंगी।
टैक्सी स्लैब की छूट 2.50 से बढ़कर 5 लाख किए जाने से मध्यम वर्गीय परिवार काफी राहत महसूस करेंगे। केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अमर उजाला टीम ने किसान, पशुपालक, नौकरी पेशा, असंगठित मजदूर तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि से बात की तो इन लोगों पर बजट पर अपनी प्रतिक्रिया कुछ इस तरह पेश की।
1.50 लाख किसान व 50 हजार पशुपालकों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के अंतरिम बजट से जिले के 1.5 लाख लघु व सीमांत किसान लाभान्वित होंगे। गोपालकों के ब्याज में 5 प्रतिशत की छूट से जिले में करीब 50 हजार पशुपालक लाभ उठाएंगे। सरकार का यह निर्णय छोटे किसानों व पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे पशुपालन के प्रति लोगों का रूझान बढ़ेगा। जो लोग पशुओं को अवारा छोड़ देते थे वह लोग अब ऐसा नहीं करेंगे। पशुपालन अब कुटीर उद्योग की शक्ल अख्तियार करेगा तथा दुग्ध क्रान्ति तथा जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
पांच हजार मजदूर पाएंगे पेंशन
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करीब पांच हजार मजदूर 60 वर्ष की उम्र पार करने पर तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा इससे अब मजदूर बुढ़ापे में परिवार पर बोझ नहीं बनेंगे और अपने इलाज आदि की व्यवस्था खुद भी कर सकेंगे। सरकार के इस निर्णय का क्रियान्वयन शीघ्र होना चाहिए। मजदूर महेश प्रसाद, बैरिस्टर सिंह, संजय तिवारी, रमेश सिंह, मंगल प्रसाद व मुकेश सिंह आदि ने बताया कि हमारा जीवन की अनिश्चिता सरकार के इस निर्णय से समाप्त हो जाएगा। इन लोगों ने बलरामपुर चीनी मिल परिसर में इकट्ठा होकर सरकार के निर्णय पर हर्ष जताते हुए एक दूसरे को बधाई दी।
खेती की लागत में मिलेगा लाभ
-लघु तथा सीमांत किसानों को साल में तीन किश्त के माध्यम से जो 6 हजार रुपये की राहत मिलेगी उसमें छोटे किसानों को खेती की लागत में मदद मिलेगी। सरकार का यह फैसला सराहनीय है।
उधार लेने से मिलेगी मुक्ति
-छोटे किसानों को खेती के लिए साहूकारों से अक्सर कर्ज लेना पड़ता है। सरकार यदि समय से पैसा देती है तो किसान खेती के लिए कर्ज के बोझ से बच सकेंगे। सरकार का यह फैसला किसानों के हित में है।
पशुपालन से मिलेगा रोजगार
केन्द्र सरकार के अंतिम बजट में कामधेनु योजना के तहत पशुपालकों को रियायत देने का जो निर्णय लिया गया है उससे लोगों का रूझान पशुपालन में बढ़ेगा तथा रोजगार भी मिलेगा। आवारा पशुओं की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
कर छूट से मिलेगी बढ़ी राहत
आयकर की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करके केन्द्र सरकार ने नौकरी पेशा तथा मध्यम वर्गीय परिवार को बड़ी राहत दी है। सरकार का यह फैसला स्वागत योग है। इससे मध्यम वर्गीय लोगों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।
छोटे कारोबारियों को होगा लाभ
केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट में छोटे कारोबारियों को जीएसटी में राहत देने का जो ऐलान किया है उससे तमाम छोटे कारोबारी लाभान्वित होंगे। यही नहीं इससे उनका व्यापार भी बढ़ेगा और वह लोग व्यापार की मुख्य धारा से भी जुड़ सकेंगे।
खुद को निराश्रित नहीं समझे मजदूर
60 साल की उम्र पार कर चुके असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने का केन्द्र सरकार ने जो फैसला लिया है उससे अब मजदूर खुद को निराश्रित महसूस नहीं करेंगे और उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
केन्द्र सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा आशा बहुओं के मानदेय 50 फीसदी वृद्घि करने का जो फैसला अपने बजट में लिया गया है वह अत्यन्त सराहनीय व स्वागत योग्य है। सरकार के फैसले पर जितनी प्रसन्नता व्यक्त की जाए वह कम है। इस फैसले का स्वागत करते हुए कमलजीत कौर, सुमन मिश्रा, प्रतिमा सिंह, किरन पांडेय, पुष्पा देवी, सुनीता, अनीता, दीपिका सिंह, सीमा व गुड़िया आदि ने कहा है कि अब हम लोग भी अपने परिवार को गुजर बसर सम्मानजनक तरीके से कर सकेंगे। इन लोगों ने कहा कि आज के दौर में हमें जो मानदेय मिलता था वह मंहगाई के चलते ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा था। 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी से हमें तथा हमारे परिवार को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
टैक्सी स्लैब की छूट 2.50 से बढ़कर 5 लाख किए जाने से मध्यम वर्गीय परिवार काफी राहत महसूस करेंगे। केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अमर उजाला टीम ने किसान, पशुपालक, नौकरी पेशा, असंगठित मजदूर तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि से बात की तो इन लोगों पर बजट पर अपनी प्रतिक्रिया कुछ इस तरह पेश की।
विज्ञापन
1.50 लाख किसान व 50 हजार पशुपालकों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के अंतरिम बजट से जिले के 1.5 लाख लघु व सीमांत किसान लाभान्वित होंगे। गोपालकों के ब्याज में 5 प्रतिशत की छूट से जिले में करीब 50 हजार पशुपालक लाभ उठाएंगे। सरकार का यह निर्णय छोटे किसानों व पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे पशुपालन के प्रति लोगों का रूझान बढ़ेगा। जो लोग पशुओं को अवारा छोड़ देते थे वह लोग अब ऐसा नहीं करेंगे। पशुपालन अब कुटीर उद्योग की शक्ल अख्तियार करेगा तथा दुग्ध क्रान्ति तथा जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
पांच हजार मजदूर पाएंगे पेंशन
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करीब पांच हजार मजदूर 60 वर्ष की उम्र पार करने पर तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा इससे अब मजदूर बुढ़ापे में परिवार पर बोझ नहीं बनेंगे और अपने इलाज आदि की व्यवस्था खुद भी कर सकेंगे। सरकार के इस निर्णय का क्रियान्वयन शीघ्र होना चाहिए। मजदूर महेश प्रसाद, बैरिस्टर सिंह, संजय तिवारी, रमेश सिंह, मंगल प्रसाद व मुकेश सिंह आदि ने बताया कि हमारा जीवन की अनिश्चिता सरकार के इस निर्णय से समाप्त हो जाएगा। इन लोगों ने बलरामपुर चीनी मिल परिसर में इकट्ठा होकर सरकार के निर्णय पर हर्ष जताते हुए एक दूसरे को बधाई दी।
खेती की लागत में मिलेगा लाभ
-लघु तथा सीमांत किसानों को साल में तीन किश्त के माध्यम से जो 6 हजार रुपये की राहत मिलेगी उसमें छोटे किसानों को खेती की लागत में मदद मिलेगी। सरकार का यह फैसला सराहनीय है।
उधार लेने से मिलेगी मुक्ति
-छोटे किसानों को खेती के लिए साहूकारों से अक्सर कर्ज लेना पड़ता है। सरकार यदि समय से पैसा देती है तो किसान खेती के लिए कर्ज के बोझ से बच सकेंगे। सरकार का यह फैसला किसानों के हित में है।
पशुपालन से मिलेगा रोजगार
केन्द्र सरकार के अंतिम बजट में कामधेनु योजना के तहत पशुपालकों को रियायत देने का जो निर्णय लिया गया है उससे लोगों का रूझान पशुपालन में बढ़ेगा तथा रोजगार भी मिलेगा। आवारा पशुओं की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
कर छूट से मिलेगी बढ़ी राहत
आयकर की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करके केन्द्र सरकार ने नौकरी पेशा तथा मध्यम वर्गीय परिवार को बड़ी राहत दी है। सरकार का यह फैसला स्वागत योग है। इससे मध्यम वर्गीय लोगों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।
छोटे कारोबारियों को होगा लाभ
केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट में छोटे कारोबारियों को जीएसटी में राहत देने का जो ऐलान किया है उससे तमाम छोटे कारोबारी लाभान्वित होंगे। यही नहीं इससे उनका व्यापार भी बढ़ेगा और वह लोग व्यापार की मुख्य धारा से भी जुड़ सकेंगे।
खुद को निराश्रित नहीं समझे मजदूर
60 साल की उम्र पार कर चुके असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने का केन्द्र सरकार ने जो फैसला लिया है उससे अब मजदूर खुद को निराश्रित महसूस नहीं करेंगे और उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
केन्द्र सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा आशा बहुओं के मानदेय 50 फीसदी वृद्घि करने का जो फैसला अपने बजट में लिया गया है वह अत्यन्त सराहनीय व स्वागत योग्य है। सरकार के फैसले पर जितनी प्रसन्नता व्यक्त की जाए वह कम है। इस फैसले का स्वागत करते हुए कमलजीत कौर, सुमन मिश्रा, प्रतिमा सिंह, किरन पांडेय, पुष्पा देवी, सुनीता, अनीता, दीपिका सिंह, सीमा व गुड़िया आदि ने कहा है कि अब हम लोग भी अपने परिवार को गुजर बसर सम्मानजनक तरीके से कर सकेंगे। इन लोगों ने कहा कि आज के दौर में हमें जो मानदेय मिलता था वह मंहगाई के चलते ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा था। 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी से हमें तथा हमारे परिवार को काफी राहत मिलेगी।