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मनमोहक रंग बिरंगे पक्षियों की कलरव से गूंजे सोहेलवा के जलाशय

Sun, 20 Jan 2019 11:14 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 11:14 PM IST
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मनमोहक रंग बिरंगे पक्षियों की कलरव से गूंजे सोहेलवा के जलाशय
विदेशी पक्षियों की कलरव से गूंजे सोहेलवा के जलाशय
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बलरामपुर। सोहेलवा सेंचुुरी क्षेत्र के जलाशय इन दिनों विदेशी मनमोहक रंग बिरंगे पक्षियों के कलरव से गूंजायमान हो रहे हैं। अफगानिस्तान व साइबेरिया सहित कई अन्य देशों से आए तरह-तरह के पक्षियों की मेजबानी सोहेलवा सेंचुरी कर रहा है।

सोलेहवा में प्रचुर मात्रा में मौजूद भोज्य पदार्थ इन मेहमानों को हजारों किलोमीटर दूर यहां तक खींच लाते हैं। गर्मी की शुरुआत होते ही पक्षी अपने देशों को लौट जाएंगे। जलाशयों में पक्षियों के मनमोहक गूंज के साथ उनकी निराली अटखेलियां पर्यटकों को खूल लुभा रही हैं।
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-सोहेलवा सेंचुरी इन दिनों दुर्लभ प्रजाति कहे जाने वाले पक्षी पनकौवा, पिहो, जांघिल, डबारू, तिवारी, नीलसर, लालसर, कामनटूथ, सीकपर, पिन्टेल, सलही, बारनकटा, खीमा, ठेकरी, बगुला, गिद्घ व सारस का बसेरा बना हुआ है।
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पक्षी विशेषज्ञों की माने तो इन पक्षियों के लिए सोहेलवा सेंचुरी में प्रचूर मात्रा में भोज्य पदार्थ मौजूद है। यही कारण है कि हजारों किलोमीटर दूर से पक्षी यहां प्रवास करने आते हैं।

सोहेलवा सेंचुुरी क्षेत्र के भगवानपुर, चित्तौड़गढ़, मजगवां, गिरगिटही, गिधरैया, कोहरगड्डी, चांदेताल व केरावगढ़ आदि जलाशयों में भारी मात्रा में विदेशी मेहमान अठखेलियां करते दिख रहे हैं। यह मेहमान समूह जलक्रीड़ा कर जलाशयों की शोभा तो बढ़ा ही रहे हैं साथ ही साथ पर्यटकों को भी अपनी तरफ खूब आकर्षित कर रहे हैं।

सोहेलवा सेंचुरी क्षेत्र में पड़ने वाले जलाशयों में विदेशी पक्षियों के साथ-साथ रोहू, डेनी, साल, मंगुर व कवई समेत कई तरह की मछलियां जल में तरह-तरह की अटखेलियां कर रही हैं।

सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण इन जलाशयों में मछलियों का शिकार पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। यही कारण है कि यहां पर इन मछलियों को भी कोई हानि नहीं पहुंचती है।

विदेशों से आने वाली पंक्षियों को किसी तरह का कोई नुकसान न पहुंचे इसका पूरा ख्याल रखा जाता है। सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण यहां पर किसी भी पशु, पक्षी व मछलियां का शिकार नहीं होता है।


अपने आप को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करने के कारण ही साल दर साल पक्षियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। यदि कोई पंक्षियों व जानवरों का शिकार करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
भानु प्रताप श्रीवास्तव, रेंजर, जनकपुर रेंज
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