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मिड-डे मील के बकाये के 5.34 करोड़ का भुगतान
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बलरामपुर। शासन ने एमडीएम पर तीन माह में खर्च के बकाया 5.34 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। भोजन के मेन्यू, दूध व मौसमी फलों पर धनराशि खर्च की गई है। जिला प्रशासन की अनुमति के बाद एमडीएम के बैंक खातों में भोजन, दूध व मौसमी फलों का पैसा भेजा जाएगा।
एमडीएम के जिला समन्वयक फिरोज अहमद ने बताया कि जिले के 1575 प्राथमिक विद्यालयों के 1,89,675 तथा 646 उच्च प्राथमिक, 25 मदरसों, 12 एडेड, चार राजकीय 19 वित्त पोषित माध्यमिक स्कूलों के 50,700 छात्रों के भोजन व दूध पर अप्रैल, मई व जुलाई में चार करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए गए।
छात्रों के लिए सप्ताह के सातों दिन निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन तथा हर बुधवार को निर्धारित मात्रा में दूध पर धनराशि खर्च की गई है। कक्षा एक से पांच तक के प्रति छात्र पर 4.35 रुपये तथा कक्षा छह से आठ तक प्रति छात्र पर 6.51 रुपये खर्च किये गये हैं।
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अगस्त 2019 के मौसमी फल का शासन ने एक करोड़ 14 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। हर सोमवार तथा माह के अंतिम गुरुवार को इन सभी स्कूलों के पंजीकृत 2.40 लाख छात्रों को मौसमी फल दिया जा रहा है।
शिक्षकों ने बताया कि शासन से एमडीएम व मौसमी फलों का पैसा लेटलतीफ आने के चलते उधार के सहारे इंतजाम करना पड़ता है। कोटे की दुकान से राशन उधार लेकर कार्य किया जा रहा है। मंडियों से हरी व मौसमी सब्जियां, दूध व फल खरीदने के लिए अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है।
समय से धनराशि न मिलने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने शासन से एमडीएम, दूध व मौसमी फलों की धनराशि समय से उपलब्ध कराने की मांग की है।
बीएसए हरिहर प्रसाद भारती ने बताया कि एमडीएम के राशन, सब्जियों, दूध व मौसमी फलों की खरीद के लिए हर माह शासन को डिमांड भेजी जाती है। कभी-कभार शासन से धनराशि आने में लेटलतीफ हो जाता है। ऐसे में शिक्षकों को इंतजाम करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। शासन से धनराशि मिलने के बाद तत्काल भुगतान कराया जाता है।
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एमडीएम के जिला समन्वयक फिरोज अहमद ने बताया कि जिले के 1575 प्राथमिक विद्यालयों के 1,89,675 तथा 646 उच्च प्राथमिक, 25 मदरसों, 12 एडेड, चार राजकीय 19 वित्त पोषित माध्यमिक स्कूलों के 50,700 छात्रों के भोजन व दूध पर अप्रैल, मई व जुलाई में चार करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए गए।
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छात्रों के लिए सप्ताह के सातों दिन निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन तथा हर बुधवार को निर्धारित मात्रा में दूध पर धनराशि खर्च की गई है। कक्षा एक से पांच तक के प्रति छात्र पर 4.35 रुपये तथा कक्षा छह से आठ तक प्रति छात्र पर 6.51 रुपये खर्च किये गये हैं।
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अगस्त 2019 के मौसमी फल का शासन ने एक करोड़ 14 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। हर सोमवार तथा माह के अंतिम गुरुवार को इन सभी स्कूलों के पंजीकृत 2.40 लाख छात्रों को मौसमी फल दिया जा रहा है।
शिक्षकों ने बताया कि शासन से एमडीएम व मौसमी फलों का पैसा लेटलतीफ आने के चलते उधार के सहारे इंतजाम करना पड़ता है। कोटे की दुकान से राशन उधार लेकर कार्य किया जा रहा है। मंडियों से हरी व मौसमी सब्जियां, दूध व फल खरीदने के लिए अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है।
समय से धनराशि न मिलने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने शासन से एमडीएम, दूध व मौसमी फलों की धनराशि समय से उपलब्ध कराने की मांग की है।
बीएसए हरिहर प्रसाद भारती ने बताया कि एमडीएम के राशन, सब्जियों, दूध व मौसमी फलों की खरीद के लिए हर माह शासन को डिमांड भेजी जाती है। कभी-कभार शासन से धनराशि आने में लेटलतीफ हो जाता है। ऐसे में शिक्षकों को इंतजाम करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। शासन से धनराशि मिलने के बाद तत्काल भुगतान कराया जाता है।