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थर्माकोल के बने उत्पादों के प्रयोग से कैंसर का खतरा
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थर्माकोल के बने उत्पादों के प्रयोग से कैंसर का खतरा
बलरामपुर। तुलसीपुर में थर्माकोल के उत्पादों के प्रयोग से कैंसर जैसी घातक बीमारी होने का खतरा बढ़ गया है। जागरुकता के अभाव में लोग थर्माकोल के उत्पादों का प्रयोग कर रहे हैं।
तुलसीपुर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित थर्माकोल के उत्पादों का बिक्री धड़ल्ले से किया जा रहा है। प्रशासनिक की हीलाहवाली के चलते प्रतिबंध का कोई असर भी नहीं दिख रहा है। थर्माकोल के पत्तल व दोने का प्रयोग करलोग इधर-उधर फेंक दते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान होने के साथ-साथ पशुओं के लिए भी घातक है।
नगरवासियों ने डीएम शिकायती पत्र भेजकर थर्माकोल के बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है। नगरवासी रूपचन्द्र गुप्ता, प्रमोद श्रीवास्तव, राकेश सिंह, अविनाश व ओमप्रकाश आदि ने डीएम को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि 2 अक्तूबर से थर्माकोल के दोना-पत्तल के प्रयोग व बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
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प्रतिबंध के बावजूद थर्माकोल के उत्पादों की बिक्री व प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। प्रयोग करने के बाद तदोने-पत्तल इधर-उधर फेंक दिए जाते हैं जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
सीएचसी तुलसीपुर के अधीक्षक डा. सुमंत सिंह चौहान का कहना है कि थर्माकोल से बने दोने-पत्तलों का प्रयोग करने से लोगों में कैंसर जैसी घातक बीमारी होने का खतरा है। लोग अन्य कई गंभीर बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं।
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बलरामपुर। तुलसीपुर में थर्माकोल के उत्पादों के प्रयोग से कैंसर जैसी घातक बीमारी होने का खतरा बढ़ गया है। जागरुकता के अभाव में लोग थर्माकोल के उत्पादों का प्रयोग कर रहे हैं।
तुलसीपुर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित थर्माकोल के उत्पादों का बिक्री धड़ल्ले से किया जा रहा है। प्रशासनिक की हीलाहवाली के चलते प्रतिबंध का कोई असर भी नहीं दिख रहा है। थर्माकोल के पत्तल व दोने का प्रयोग करलोग इधर-उधर फेंक दते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान होने के साथ-साथ पशुओं के लिए भी घातक है।
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नगरवासियों ने डीएम शिकायती पत्र भेजकर थर्माकोल के बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है। नगरवासी रूपचन्द्र गुप्ता, प्रमोद श्रीवास्तव, राकेश सिंह, अविनाश व ओमप्रकाश आदि ने डीएम को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि 2 अक्तूबर से थर्माकोल के दोना-पत्तल के प्रयोग व बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
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प्रतिबंध के बावजूद थर्माकोल के उत्पादों की बिक्री व प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। प्रयोग करने के बाद तदोने-पत्तल इधर-उधर फेंक दिए जाते हैं जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
सीएचसी तुलसीपुर के अधीक्षक डा. सुमंत सिंह चौहान का कहना है कि थर्माकोल से बने दोने-पत्तलों का प्रयोग करने से लोगों में कैंसर जैसी घातक बीमारी होने का खतरा है। लोग अन्य कई गंभीर बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं।