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राप्ती व पहाड़ी नालों के पानी से घिरे 300 गांव

Fri, 07 Oct 2022 10:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 10:39 PM IST
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300 villages surrounded by water of Rapti and hill drains
बलरामपुर। बीते दिनों नेपाल के साथ-साथ जिले में हुई भारी बारिश के चलते शुक्रवार को पहाड़ी नालों व राप्ती नदी की बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिले की तीनों तहसीलों के करीब 300 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई मार्गों पर जलभराव से आवागमन ठप हो गया है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 104.620 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर 105.360 मीटर पर पहुंच गया है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है।
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राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ के चलते सदर, तुलसीपुर तथा उतरौला तहसील के करीब 300 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बलरामपुर-भड़रिया बांध पर मझारी गांव के निकट कटान हो रही है। सिरिया पहाड़ी नाले की बाढ़ का पानी बड़गो गांव के पास नेशनल हाईवे 730 पर बह रहा है।
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हरिहरगंज-ललिया मार्ग पर भी आवागमन ठप है। कोड़री-मथुरा बाजार मार्ग पर भी बाढ़ का पानी आने से आवाजाही ठप है। गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर बाढ़ के चलते आवागमन ठप है। इसी तरह करीब एक दर्जन ग्रामीण सड़कों पर भी बाढ़ के चलते आवागमन में बाधा आ रही है। भांभर पहाड़ी नाले की बाढ़ से पचपेड़वा ब्लॉक का मानपुर गांव टापू में तब्दील हो गया है। लोग रस्सी के सहारे बाढ़ के पानी से बाहर निकल रहे हैं।
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राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ के चलते तटवर्ती गांवों के करीब 200 परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है। इन स्कूलों में पठन-पाठन ठप हो गया है। अभिभावकों की मानें तो इन स्कूलों में अब बाढ़ खत्म होने के बाद ही पठन पाठन शुरू हो पाएगा। करीब छह महीने पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने जलभराव वाले स्कूलों का सर्वे तो कराया था लेकिन यहां जलभराव रोकने के कोई उपाय नहीं किए गए।
बारिश व बाढ़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यालय शनिवार को बंद रखने का आदेश दिया है। डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव व आवागमन में दिक्कत को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है।
राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में आई बाढ़ के चलते डीएम डॉ. महेंद्र कुमार तथा एसपी राजेश कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को कोड़री गांव पहुंचकर बाढ़ का जायजा लिया। उन्होंने राप्ती के कोड़री पुल के निकट एप्रोच में हो रही कटान को युद्धस्तर पर रोकने का निर्देश पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को दिया। सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह पुलिस बल तैनात करने का निर्देश भी दिया।
एडीएम/आपदा अधिकारी राम अभिलाष ने बताया कि जिले की तीनों तहसीलों में बाढ़ से बचाव के लिए 72 नावें संचालित की जा रहीं हैं। 32 बाढ़ चौकी व 19 राहत केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी जगह राजस्व कर्मचारियाें के साथ-साथ पैरा मेडिकल स्टाफ व पशु चिकित्सक भी तैनात हैं। यहां तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। उन्होंने बताया कि कोई भी बाढ़ पीड़ित कंट्रोल रूम के नंबर 8960010336, 9170277336, 7706881121 तथा 1077 पर फोन कर अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। पीड़ित को तत्काल राहत प्रदान की जाएगी। कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित किया जा रहा है।

गौरा चौराहा थाना क्षेत्र में गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर शुक्रवार सुबह भुसैलवा डिप पार करते समय एक कार बाढ़ के पानी में बह गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर कार में सवार ग्राम हांडही, थाना परशुरामपुर, जिला बस्ती निवासी अंकुर पांडेय व उनके परिजनों को सकुशल बाहर निकाल लिया। ये लोग देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर दर्शन करने जा रहे थे। ग्रामीणों ने पानी में फंसी कार भी ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाल ली।
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