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2.72 लाख बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों पर सीखेंगे अक्षर ज्ञान

Fri, 15 Oct 2021 12:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:33 AM IST
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2.72 lakh children will learn alphabets at Anganwadi centers
बलरामपुर। जिले के 2.72 लाख बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों पर अक्षर पहचानने का तरीका सीखेंगे। तीन से छह साल तक के बच्चों में बौद्घिक क्षमता विकसित करने के लिए कांवेंट स्कूलों के तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर शैक्षिक गतिविधियां शुरू किए जाने की अनूठी पहल की गई है।
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इसके तहत चार अक्तूबर से कोरोना प्रोटोकाल के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शैक्षिक गतिविधियां के संचालन का जिम्मा संभाला है। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय कार्यों का निस्तारण कराने के लिए पहले से ही स्मार्ट फोन दिए गए हैं।
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बाल विकास सेवा पुष्टाहार विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डोर-टू-डोर भ्रमण, केंद्रों को खोलने से पहले ही सभी तैयारी, कलेंडर निर्धारित करने व अन्य दिशा-निर्देश दिए हैं। जिले के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े तीन से छह साल तक के बच्चों को पढ़ाने का कलेंडर जारी किया गया है। प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को 30 मिनट तक बच्चे प्रथम चक्र में नाम बताएंगे।
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इसके साथ ही उन्हें खेल, ताली व चुटकी से कविता पढ़ाई जाएगी। तीन से छह वर्ष तक के बच्चे 60 मिनट तक द्वितीय चक्र में खेल व रंग मिलाना और तीसरे चक्र में 30 मिनट तक रस्सी पर चलना, चौथे चक्र में 30 मिनट तक रचनात्मक चित्रकारी व हिंदी में ध्वनि की पहचान और पांचवे चक्र में 30 मिनट तक हम हिंदुस्तानी कहानी की किताब को पढ़ाया जाएगा।
इसके बाद मंगलवार को वजन दिवस, बुद्घवार वीएचएसएनडी, गुरुवार रंग भरना, अक्षर ज्ञान, खेल, अंग्रेजी अक्षर की पहचान, शारीरिक व्यायाम व सवेरे चिड़िया बोली कविता सिखाई जाएगी। शुक्रवार व शनिवार को थीम पर आधारित कार्यक्रम कराए जाएंगे। जिले में कुल 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है जिसमें 70 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं।
विभाग के पास 942 निजी भवन हैं जिसमें 133 निर्माणाधीन हैं। नवनिर्मित 50 केंद्रों के भवन हैंडओवर होने की स्थिति में हैं। जिले में 915 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन प्राथमिक विद्यालयों के भवन में हो रहा है। जिले में 1882 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तुलना में 1423 की और 1782 सहायिकाओं की तुलना में 1379 की तैनाती है।
हर माह गर्भवती/धात्री महिलाओं, छह माह से तीन वर्ष तक बच्चों को एक-एक किलोग्राम चावल-चना दाल व 445 ग्राम सोयाबीन तेल, तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को एक-एक किलोग्राम चावल-चना दाल और अतिकुपोषित बच्चों को 1.5 किलोग्राम चावल, दो किलोग्राम चना दाल व 445 ग्राम सोयाबीन तेल दिया जाएगा।

डीपीओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन का निर्देश कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को दिया गया है। सभी 10 परियोजनाओं में तैनात बाल विकास परियोजना के अधिकारियों को केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर इसकी पूरी रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। निर्देश के अनुपालन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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