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आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीएलएम से पढ़ाए जाएंगे नौनिहाल
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बलरामपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों को टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल किट) विधि से पढ़ाया जाएगा। नौनिहालों को प्राथमिक शिक्षा के साथ खेलकूद के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। यह बातें डीपीओ सत्येन्द्र सिंह ने मंगलवार को देहात परियोजना के बैजपुर गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन अवसर पर कही।
कार्यशाला में 30 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई। देहात परियोजना के सीडीपीओ राकेश शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार की तरफ से शिक्षा के स्तर को सुधारने का निर्देश दिया गया। शिक्षा के स्तर में सुधार होने से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे भी शिक्षित होंगे।
प्रशिक्षण के दौरान सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भावगीत के बारे में भी बताया गया। शशांक पांडेय व विक्रम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टीएलएम व भावगीत पर दो दिवसीय ट्रेनिंग दी। मुख्य सेविका प्रतिमा श्रीवास्तव, सावित्री देवी व सुनीता देवी ने भी शिक्षण संबंधी गतिविधियों के बारे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी।
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शिक्षण की सरल विधा है टीएलएम
टीएलएम अर्थात टीचिंग लर्निंग मटेरियल के माध्यम से बच्चों को शिक्षण की गतिविधियों के बारे में आसानी से बताया जाता है। कागज की सामग्री तैयार कर वर्णमाला, गिनती, पहाड़ा, दिशा ज्ञान आदि के बारे में साधारण तरीके से जानकारी दी जाती है। डीपीओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि टीएलएम की विधि सबसे सरल व रोचक विधि है। इस विधि से बच्चे खेल-खेल में ही पढ़ाई का ज्ञान अर्जित करते है। फूल-पत्ती बनाकर बच्चों को खेलने के भी तरीके बताए जाते है।
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कार्यशाला में 30 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई। देहात परियोजना के सीडीपीओ राकेश शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार की तरफ से शिक्षा के स्तर को सुधारने का निर्देश दिया गया। शिक्षा के स्तर में सुधार होने से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे भी शिक्षित होंगे।
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प्रशिक्षण के दौरान सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भावगीत के बारे में भी बताया गया। शशांक पांडेय व विक्रम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टीएलएम व भावगीत पर दो दिवसीय ट्रेनिंग दी। मुख्य सेविका प्रतिमा श्रीवास्तव, सावित्री देवी व सुनीता देवी ने भी शिक्षण संबंधी गतिविधियों के बारे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी।
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शिक्षण की सरल विधा है टीएलएम
टीएलएम अर्थात टीचिंग लर्निंग मटेरियल के माध्यम से बच्चों को शिक्षण की गतिविधियों के बारे में आसानी से बताया जाता है। कागज की सामग्री तैयार कर वर्णमाला, गिनती, पहाड़ा, दिशा ज्ञान आदि के बारे में साधारण तरीके से जानकारी दी जाती है। डीपीओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि टीएलएम की विधि सबसे सरल व रोचक विधि है। इस विधि से बच्चे खेल-खेल में ही पढ़ाई का ज्ञान अर्जित करते है। फूल-पत्ती बनाकर बच्चों को खेलने के भी तरीके बताए जाते है।