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बेटियों के जन्म पर खुशियों से भर जाएगा घर-आंगन
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कन्या के जन्म लेते ही खुशियों से भरेगा घर-आंगन
बलरामपुर। कन्या के जन्म लेते ही घर-आंगन अब खुशियों से भर उठेगा। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को धनराशि मुहैया कराई जाएगी। बेटियों के स्वास्थ्य व शिक्षा पर खर्च कर उनके स्तर को सुधारने की कवायद शुरू की गई है। स्नातक व डिप्लोमा स्तर तक शिक्षा पर 15000 रुपये की मदद दी जाएगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुस्फेकीन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से कन्या सुमंगला योजना का शुभारंभ किया गया है।
प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2019 से महिला सशक्तीकरण, कन्या भ्रूण हत्या रोकने, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करने, बाल विवाह रोकने, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देकर स्वावलंबी बनाने तथा बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से कन्या सुमंगला योजना का शुभारंभ किया गया है।
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कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं केे जन्म से लेकर उनकी स्नातक व डिप्लोमा स्तर की शिक्षा तक कुल 15000 रुपये की धनराशि सहायता के रूप में दी जाएगी।
कन्या सुमंगला योजना से बेटियों का जन्म होने से घर व आंगन में खुशियों की बहार आएगी। योजना के तहत छह श्रेणियों में बालिकाओं को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
पहली श्रेणी में बालिका का जन्म होने पर 2000 रुपये, दूसरी श्रेणी में एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण के बाद एक हजार रुपये, तीसरी श्रेणी में कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश व चौथे श्रेणी में कक्षा छह में बालिका के प्रवेश के बाद दो-दो हजार रुपये तथा पांचवीं श्रेणी में कक्षा नौ में प्रवेेश के बाद 3000 रुपये दिए जाएंगे।
छठी श्रेणी में स्नातक अथवा दो वर्षीय अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये दिए जाएंगे। योजना का लाभ लेने वालों को प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पहचान पत्र, विद्युत व टेलीफोन बिल आवेदन में देना होगा। योजना का लाभ लेने वाले परिवार की अधिकतम वार्षिक आय तीन लाख रुपये होनी चाहिए।
एक परिवार की दो बच्चियों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा। लाभार्थी के परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने चाहिए। महिला के दूसरे प्रसव से जुड़वा बच्चों होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ दिया जाएगा।
यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका तथा दूसरे प्रसव से दो जुड़वां बालिकाएं होती हैं तो ऐसे में तीनों बालिकाओं को लाभ दिया जाएगा। यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप से गोद ली गई संतान को शामिल करते हुए अधिकतम दो बालिकाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।
यदि बालिका स्वयं वयस्क है तो वह खुद आवेदन कर सकती है। इसके अतिरिक्त बालिका के माता-पिता व अभिभावक भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जनसेवा केंद्र व कंप्यूटर सेंटर से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम न होने पर विकास भवन स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में, तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय तथा ब्लॉक स्थित बीडीओ कार्यालय में निशुल्क ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना की मॉनीटरिंग के लिए उनकी अध्यक्षता में अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है। स्वीकृत आवेदन पत्रों की अनुश्रवण समिति की तरफ से वर्ष में चार बार समीक्षा की जाएगी और समीक्षा के बाद लाभार्थियों के बैंक खाते में ऑनलाइन धनराशि भेजी जाएगी। आवेदन के साथ 10 रुपये के स्टांप पेपर पर शपथपत्र भी देना होगा। बेटी के जन्म के छह माह के अंदर आवेदन करना अनिवार्य होगा।
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बलरामपुर। कन्या के जन्म लेते ही घर-आंगन अब खुशियों से भर उठेगा। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को धनराशि मुहैया कराई जाएगी। बेटियों के स्वास्थ्य व शिक्षा पर खर्च कर उनके स्तर को सुधारने की कवायद शुरू की गई है। स्नातक व डिप्लोमा स्तर तक शिक्षा पर 15000 रुपये की मदद दी जाएगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुस्फेकीन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से कन्या सुमंगला योजना का शुभारंभ किया गया है।
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प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2019 से महिला सशक्तीकरण, कन्या भ्रूण हत्या रोकने, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करने, बाल विवाह रोकने, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देकर स्वावलंबी बनाने तथा बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से कन्या सुमंगला योजना का शुभारंभ किया गया है।
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कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं केे जन्म से लेकर उनकी स्नातक व डिप्लोमा स्तर की शिक्षा तक कुल 15000 रुपये की धनराशि सहायता के रूप में दी जाएगी।
कन्या सुमंगला योजना से बेटियों का जन्म होने से घर व आंगन में खुशियों की बहार आएगी। योजना के तहत छह श्रेणियों में बालिकाओं को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
पहली श्रेणी में बालिका का जन्म होने पर 2000 रुपये, दूसरी श्रेणी में एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण के बाद एक हजार रुपये, तीसरी श्रेणी में कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश व चौथे श्रेणी में कक्षा छह में बालिका के प्रवेश के बाद दो-दो हजार रुपये तथा पांचवीं श्रेणी में कक्षा नौ में प्रवेेश के बाद 3000 रुपये दिए जाएंगे।
छठी श्रेणी में स्नातक अथवा दो वर्षीय अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये दिए जाएंगे। योजना का लाभ लेने वालों को प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पहचान पत्र, विद्युत व टेलीफोन बिल आवेदन में देना होगा। योजना का लाभ लेने वाले परिवार की अधिकतम वार्षिक आय तीन लाख रुपये होनी चाहिए।
एक परिवार की दो बच्चियों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा। लाभार्थी के परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने चाहिए। महिला के दूसरे प्रसव से जुड़वा बच्चों होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ दिया जाएगा।
यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका तथा दूसरे प्रसव से दो जुड़वां बालिकाएं होती हैं तो ऐसे में तीनों बालिकाओं को लाभ दिया जाएगा। यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप से गोद ली गई संतान को शामिल करते हुए अधिकतम दो बालिकाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।
यदि बालिका स्वयं वयस्क है तो वह खुद आवेदन कर सकती है। इसके अतिरिक्त बालिका के माता-पिता व अभिभावक भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जनसेवा केंद्र व कंप्यूटर सेंटर से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम न होने पर विकास भवन स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में, तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय तथा ब्लॉक स्थित बीडीओ कार्यालय में निशुल्क ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना की मॉनीटरिंग के लिए उनकी अध्यक्षता में अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है। स्वीकृत आवेदन पत्रों की अनुश्रवण समिति की तरफ से वर्ष में चार बार समीक्षा की जाएगी और समीक्षा के बाद लाभार्थियों के बैंक खाते में ऑनलाइन धनराशि भेजी जाएगी। आवेदन के साथ 10 रुपये के स्टांप पेपर पर शपथपत्र भी देना होगा। बेटी के जन्म के छह माह के अंदर आवेदन करना अनिवार्य होगा।