{"_id":"5cfea2dabdec2207571f71d1","slug":"156019169714-balrampur-news122","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़ा प्रबंधन नीति से गांवों को मिलेगी गंदगी से निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूड़ा प्रबंधन नीति से गांवों को मिलेगी गंदगी से निजात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। कूड़ा प्रबंधन नीति से गांवों में लोगों को गंदगी से निजात मिल सकेगी। ठोस व तरल कचरों से गांव में ही जैविक खाद तैयार की जाएगी। किसानों को मुफ्त में जैविक खाद का प्रयोग करने की सुविधा मिलेगी। जैविक खाद का प्रयोग करने से बिना पूंजी के ही किसानों के खेतों में फसलें लहराएंगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में ठोस एवं तरल अपशिष्ट योजना पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतिम दिन सोमवार को कूड़ा प्रबंधन के पॉयलेट प्रोजेक्ट पर रणनीति तैयार की गई। इस योजना के तहत अफसरों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट पदार्थों के उपयोग के बारे में बताया गया।
जिले के नौ ब्लॉकों के 90 ग्राम पंचायतों में शीघ्र पॉयलेट प्रोजेक्ट शुरू करने के संबंध में तैयारियों पर चर्चा की गई। पॉयलेट प्रोजेक्ट में सफलता पाने के लिए रणनीति भी बनाई गई। डीडीओ गिरीश कुमार पाठक व डीपीआरओ नरेश चंद्र ने प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के 90 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन नीति लागू करने की दिशा में पहला कदम है। कूड़े का प्रयोग न होने से गांवों में गंदगी फैल रही है जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है। कूड़ा प्रबंधन नीति लागू करके लोगों को गंदगी से निजात दिलाई जाएगी।
नौ जून को तीन दिवसीय ट्रेनिंग पूरा होने के बाद जिले के सभी नौ ब्लॉकों में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यशाला में आगा खां फाउंडेशन के स्टेट लीडर जयराम पाठक, डिवीजनल कंस्लटेंट यूनीसेफ रमेश अग्रवाल, जिला समन्वयक आगा खान फाउंडेशन अश्वनी चौरसिया तथा जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन योगेश कुमार ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में ठोस एवं तरल अपशिष्ट योजना पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतिम दिन सोमवार को कूड़ा प्रबंधन के पॉयलेट प्रोजेक्ट पर रणनीति तैयार की गई। इस योजना के तहत अफसरों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट पदार्थों के उपयोग के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
जिले के नौ ब्लॉकों के 90 ग्राम पंचायतों में शीघ्र पॉयलेट प्रोजेक्ट शुरू करने के संबंध में तैयारियों पर चर्चा की गई। पॉयलेट प्रोजेक्ट में सफलता पाने के लिए रणनीति भी बनाई गई। डीडीओ गिरीश कुमार पाठक व डीपीआरओ नरेश चंद्र ने प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के 90 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन नीति लागू करने की दिशा में पहला कदम है। कूड़े का प्रयोग न होने से गांवों में गंदगी फैल रही है जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है। कूड़ा प्रबंधन नीति लागू करके लोगों को गंदगी से निजात दिलाई जाएगी।
नौ जून को तीन दिवसीय ट्रेनिंग पूरा होने के बाद जिले के सभी नौ ब्लॉकों में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यशाला में आगा खां फाउंडेशन के स्टेट लीडर जयराम पाठक, डिवीजनल कंस्लटेंट यूनीसेफ रमेश अग्रवाल, जिला समन्वयक आगा खान फाउंडेशन अश्वनी चौरसिया तथा जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन योगेश कुमार ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी दी।