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2.95 अरब रुपये से जिले का होगा चहुंमुखी विकास
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बलरामपुर। चालू वित्तीय वर्ष में दो अरब 95 करोड़ 28 लाख रुपये से जिले का चहुंमुखी विकास कराया जाएगा। जिला योजना समिति की तरफ से विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ स्वच्छता, रोजगार, मनेरगा व कौशल विकास मिशन के योजनाओं पर भी धनराशि खर्च की जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में जिला योजना समिति की बैठक कराकर चर्चा के बाद सभी प्रस्तावों को पास कराए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष में 11 लाख रुपये के धनराशि में कटौती भी की गई है।
गौरतलब हो कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के चहुंमुखी विकास के लिए सभी विभागों से दो अरब 95 करोड़ 28 लाख रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। जिला योजना के गठन में शामिल पंचायती राज संस्थाओं जैसे ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के साथ नगर निकायों एवं विभागों की तरफ से संचालित कार्यक्रमों के तहत अफसरों की तरफ से उपलब्ध प्रस्तावों को शामिल किया गया है। विभागीय कार्यक्रमों के प्रस्तावों की मूल धनराशि 40797.93 लाख रुपये के सापेक्ष आवश्यक संशोधन करते हुए शासन स्तर से 29528.00 लाख रुपये की सीमा में कार्य योजना का गठन किया गया है। जिले के सभी विभागों, क्षेत्र पंचायतों व नगर निकायों से प्राप्त प्रस्तावों से पंचायत भवन निर्माण, नगरीय पेयजल, हैंडपपों के अधिष्ठापन, निशुल्क बोरिंग, सीएचसी, पीएचसी, स्वास्थ्य उपकेंद्र, स्वच्छ भारत मिशन के शौचालयों व ग्रामीण सड़कों के निर्माण तथा मध्यम व गहरे निशुल्क बोरिंग पर धनराशि खर्च की जाएगी। हलांकि गत वर्ष की अपेक्षा चालू वित्तीय वर्ष में 11 लाख रुपये धनराशि में कटौती भी की गई है।
शासन को भेजा गया प्रस्ताव
वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिला योजना समिति के माध्यम से तैयार किए गए सभी प्रस्तावों को मंजूरी के लिए शासन को पहले ही भेजा जा चुका है। लोकसभा चुनाव के चलते जिला योजना समिति की बैठक नहीं हो सकी थी। शीघ्र ही जिले के प्रभारी मंत्री से अनुमति लेकर जिला योजना समिति की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में सभी पक्षों पर चर्चा करके प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। पारित प्रस्ताव के धनराशि से जिले का चहुंमुखी विकास कराए जाएंगे। -कृष्णा करुणेश, डीएम
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गौरतलब हो कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के चहुंमुखी विकास के लिए सभी विभागों से दो अरब 95 करोड़ 28 लाख रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। जिला योजना के गठन में शामिल पंचायती राज संस्थाओं जैसे ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के साथ नगर निकायों एवं विभागों की तरफ से संचालित कार्यक्रमों के तहत अफसरों की तरफ से उपलब्ध प्रस्तावों को शामिल किया गया है। विभागीय कार्यक्रमों के प्रस्तावों की मूल धनराशि 40797.93 लाख रुपये के सापेक्ष आवश्यक संशोधन करते हुए शासन स्तर से 29528.00 लाख रुपये की सीमा में कार्य योजना का गठन किया गया है। जिले के सभी विभागों, क्षेत्र पंचायतों व नगर निकायों से प्राप्त प्रस्तावों से पंचायत भवन निर्माण, नगरीय पेयजल, हैंडपपों के अधिष्ठापन, निशुल्क बोरिंग, सीएचसी, पीएचसी, स्वास्थ्य उपकेंद्र, स्वच्छ भारत मिशन के शौचालयों व ग्रामीण सड़कों के निर्माण तथा मध्यम व गहरे निशुल्क बोरिंग पर धनराशि खर्च की जाएगी। हलांकि गत वर्ष की अपेक्षा चालू वित्तीय वर्ष में 11 लाख रुपये धनराशि में कटौती भी की गई है।
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शासन को भेजा गया प्रस्ताव
वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिला योजना समिति के माध्यम से तैयार किए गए सभी प्रस्तावों को मंजूरी के लिए शासन को पहले ही भेजा जा चुका है। लोकसभा चुनाव के चलते जिला योजना समिति की बैठक नहीं हो सकी थी। शीघ्र ही जिले के प्रभारी मंत्री से अनुमति लेकर जिला योजना समिति की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में सभी पक्षों पर चर्चा करके प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। पारित प्रस्ताव के धनराशि से जिले का चहुंमुखी विकास कराए जाएंगे। -कृष्णा करुणेश, डीएम
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