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03 एडवाइजरी बलरामपुर
Updated Fri, 06 Apr 2018 11:32 PM IST
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कामचोर अधिकारियों के चलते सफाई में गिरी तीन निकायों की रैकिंग
बलरामपुर। जिले की नगर पालिका उतरौला तथा नगर पंचायत तुलसीपुर में ओडीएफ व सफाई का हाल बेहाल है। इन नगरों में वर्षों पूर्व निर्माणाधीन शुलभ शौचालय आज भी अधूरा है। इन नगरों के तमाम लोग आज भी खुले में शौच करते हैं। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर यह बताते हैं कि सफाई व कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था भी केवल कागजों तक ही सीमित है।
यह कहना हमारा नहीं बल्कि खुलासा हाल में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा कराए गए सर्वे में हुआ है। इन नगरों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों की भी स्थिति बेहद खराब है।
उतरौला नगर में जगह-जगह नालियां अतिक्रमण की चपेट में हैं। सड़कों व गलियों में गंदी पानी बह रहा है। मोहल्लो में कूड़े के ढेर लगे हैं। सफाईकर्मी केवल मेन सड़कों पर ही झाडू लगाते नजर आते हैं।
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तुलसीपुर नगर पंचायत में भी सफाई का हाल बेहाल है। लोग रेल पटरियों के किनारे खुले में शौच करते है। बैरागीपुरवा में कई वर्ष पूर्व शुरू किया गया सुलभ शौचालय का निर्माण आज भी अधूरा है।
नगर पंचायत से मात्र 100 मीटर की दूरी पर ही कूड़े का अंबार लगा हुआ है। पचपेड़वा नगर पंचायत भी गंदगी से जूझ रहा है। वार्डों व नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। कूड़ों का निस्तारण करने की कोई व्यवस्था नहीं है। हफ्ते भर बाद वार्डों में जमा किया गया कूड़ा उठाकर नगर के निकट ही खुले में फेंक दिया जाता है।
- उतरौला नगर पालिका के ईओ आरके जायसवाल ने यह तो बताया कि नगर को ओडीएफ बनाने तथा साफ सफाई व्यवस्था बेहतर करने की योजना बनाई गई है लेकिन वह यह नहीं बता सके कि नगर में कितने शौचालयों का निर्माण होना है।
यही बात तुलसीपर तथा पचपेड़वा नगर पंचायत के ईओ अनिल कुमार ने बताया कि रैकिंग सुधारने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वह भी मीटिंग में होने की बात कहकर अन्य जानकारी देने में असमर्थता व्यक्त कर दी।
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बलरामपुर। जिले की नगर पालिका उतरौला तथा नगर पंचायत तुलसीपुर में ओडीएफ व सफाई का हाल बेहाल है। इन नगरों में वर्षों पूर्व निर्माणाधीन शुलभ शौचालय आज भी अधूरा है। इन नगरों के तमाम लोग आज भी खुले में शौच करते हैं। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर यह बताते हैं कि सफाई व कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था भी केवल कागजों तक ही सीमित है।
यह कहना हमारा नहीं बल्कि खुलासा हाल में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा कराए गए सर्वे में हुआ है। इन नगरों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों की भी स्थिति बेहद खराब है।
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उतरौला नगर में जगह-जगह नालियां अतिक्रमण की चपेट में हैं। सड़कों व गलियों में गंदी पानी बह रहा है। मोहल्लो में कूड़े के ढेर लगे हैं। सफाईकर्मी केवल मेन सड़कों पर ही झाडू लगाते नजर आते हैं।
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तुलसीपुर नगर पंचायत में भी सफाई का हाल बेहाल है। लोग रेल पटरियों के किनारे खुले में शौच करते है। बैरागीपुरवा में कई वर्ष पूर्व शुरू किया गया सुलभ शौचालय का निर्माण आज भी अधूरा है।
नगर पंचायत से मात्र 100 मीटर की दूरी पर ही कूड़े का अंबार लगा हुआ है। पचपेड़वा नगर पंचायत भी गंदगी से जूझ रहा है। वार्डों व नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। कूड़ों का निस्तारण करने की कोई व्यवस्था नहीं है। हफ्ते भर बाद वार्डों में जमा किया गया कूड़ा उठाकर नगर के निकट ही खुले में फेंक दिया जाता है।
- उतरौला नगर पालिका के ईओ आरके जायसवाल ने यह तो बताया कि नगर को ओडीएफ बनाने तथा साफ सफाई व्यवस्था बेहतर करने की योजना बनाई गई है लेकिन वह यह नहीं बता सके कि नगर में कितने शौचालयों का निर्माण होना है।
यही बात तुलसीपर तथा पचपेड़वा नगर पंचायत के ईओ अनिल कुमार ने बताया कि रैकिंग सुधारने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वह भी मीटिंग में होने की बात कहकर अन्य जानकारी देने में असमर्थता व्यक्त कर दी।