{"_id":"5c251b37bdec225700508c89","slug":"101545935671-balrampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"54 दिनों में महज 27 प्रतिशत धान की हुई खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
54 दिनों में महज 27 प्रतिशत धान की हुई खरीद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। जिले में 54 दिनों के अंदर महज 27 प्रतिशत ही धान की खरीद की जा सकी है। सुस्त रफ्तार के चलते किसानों को उनकी उपज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के सभी धान क्रय केंद्रों पर किसानों ने अव्यवस्था होने का आरोप लगाया है। बता दें कि जिले के 16 केंद्रों पर 28 फरवरी तक 10 हजार 700 एमटी धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
किसान मनोरथ, श्याम कुमार, कल्लू, रहमान, इम्तियाज अहमद, बलदेव, श्रीपाल व राजाराम आदि ने आरोप लगाया कि सरकारी धान क्रय केंद्रों पर खरीद के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। कई-कई दिन तक इंतजार के बाद किसानों का धान खरीदा जा रहा है।
धान गीला होने व गंदा होने का बहाना बनाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। मजबूरी में किसानों को अपनी उपज बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है। किसानों ने डीएम से क्रय केंद्रों के समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर 24 दिसंबर तक खाद्य विभाग के चार क्रय केंद्रों पर 1500 एमटी के सापेक्ष मात्र 626.16 एमटी धान खरीदा जा सका है। खाद्य विभाग के चार केंद्रों पर अभी तक मात्र 41.74 प्रतिशत धान की खरीद हुई है। इसी प्रकार से पीसीएफ के 12 क्रय केंद्रों पर अभी तक 9200 एमटी के सापेक्ष 2235.12 एमटी धान खरीदा गया है। पीसीएफ ने मात्र 24.29 प्रतिशत खरीद लक्ष्य पूरा किया है। धान खरीद का लक्ष्य 10 हजार 700 एमटी के सापेेेक्ष 24 दिसंबर तक 16 क्रय केंद्रों पर महज 2861.28 एमटी धान खरीदा है।
मिलर्स की मनमानी के चलते धान खरीद प्रभावित हो रही है। मिलर्स पर शिकंजा कसा जा रहा है। दोनों क्रय एजेंसियों को किसानों से धान लक्ष्य के अनुसार खरीदने का निर्देश दिया गया है। गत वर्ष 24 दिसंबर तक मात्र 16.41 प्रतिशत की खरीद हुई थी जबकि खरीफ वर्ष 2018-19 में करीब 27 प्रतिशत धान खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
विनय प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
किसान मनोरथ, श्याम कुमार, कल्लू, रहमान, इम्तियाज अहमद, बलदेव, श्रीपाल व राजाराम आदि ने आरोप लगाया कि सरकारी धान क्रय केंद्रों पर खरीद के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। कई-कई दिन तक इंतजार के बाद किसानों का धान खरीदा जा रहा है।
विज्ञापन
धान गीला होने व गंदा होने का बहाना बनाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। मजबूरी में किसानों को अपनी उपज बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है। किसानों ने डीएम से क्रय केंद्रों के समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर 24 दिसंबर तक खाद्य विभाग के चार क्रय केंद्रों पर 1500 एमटी के सापेक्ष मात्र 626.16 एमटी धान खरीदा जा सका है। खाद्य विभाग के चार केंद्रों पर अभी तक मात्र 41.74 प्रतिशत धान की खरीद हुई है। इसी प्रकार से पीसीएफ के 12 क्रय केंद्रों पर अभी तक 9200 एमटी के सापेक्ष 2235.12 एमटी धान खरीदा गया है। पीसीएफ ने मात्र 24.29 प्रतिशत खरीद लक्ष्य पूरा किया है। धान खरीद का लक्ष्य 10 हजार 700 एमटी के सापेेेक्ष 24 दिसंबर तक 16 क्रय केंद्रों पर महज 2861.28 एमटी धान खरीदा है।
मिलर्स की मनमानी के चलते धान खरीद प्रभावित हो रही है। मिलर्स पर शिकंजा कसा जा रहा है। दोनों क्रय एजेंसियों को किसानों से धान लक्ष्य के अनुसार खरीदने का निर्देश दिया गया है। गत वर्ष 24 दिसंबर तक मात्र 16.41 प्रतिशत की खरीद हुई थी जबकि खरीफ वर्ष 2018-19 में करीब 27 प्रतिशत धान खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
विनय प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ