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बहू हत्यारे सास व जेठ को 10 वर्ष की कैद
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बहू के हत्यारे सास व जेठ को 10 वर्ष की कैद
बलरामपुर। एफटीसी द्वितीय ने दहेज हत्या के एक मामले में सास व जेठ को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
कोतवाली गैसड़ी निवासी सुभाष चंद्र पांडेय ने 15 जून 2009 को थाने पर सूचना दी थी कि उसकी पुत्री पुष्पा देवी का पति आत्म प्रकाश, जेठ ज्ञान प्रकाश व सास गीता देवी ने दहेज न मिलने के कारण जलाकर मार डाला।
पुलिस ने दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान मृतका के पति आत्म प्रकाश के नाबालिग घोषित होने के कारण उसकी पत्रावली परीक्षण के लिए किशोर न्यायालय भेज दी गई है। परीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नरेंद्र प्रताप पांडेय ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी द्वितीय डॉ. अमित वर्मा ने ज्ञान प्रकाश व गीता देवी को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम और आठ-आठ हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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बलरामपुर। एफटीसी द्वितीय ने दहेज हत्या के एक मामले में सास व जेठ को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
कोतवाली गैसड़ी निवासी सुभाष चंद्र पांडेय ने 15 जून 2009 को थाने पर सूचना दी थी कि उसकी पुत्री पुष्पा देवी का पति आत्म प्रकाश, जेठ ज्ञान प्रकाश व सास गीता देवी ने दहेज न मिलने के कारण जलाकर मार डाला।
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पुलिस ने दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान मृतका के पति आत्म प्रकाश के नाबालिग घोषित होने के कारण उसकी पत्रावली परीक्षण के लिए किशोर न्यायालय भेज दी गई है। परीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नरेंद्र प्रताप पांडेय ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी द्वितीय डॉ. अमित वर्मा ने ज्ञान प्रकाश व गीता देवी को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम और आठ-आठ हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।