Ballia: लाठी-डंडे से हमले में घायल युवक की 37 दिन बाद अस्पताल में मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
बलिया जिले के लखनापार गांव निवासी देवा (17) पर तीन मई को बदमाशों ने हमला बोला था। घटना के 37 दिन बाद बीएचयू अस्पताल में उपचार के दौरान देवा की मौत हो गई। इससे परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।
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बलिया जिले के लखनापार गांव निवासी देवा (17) पुत्र मुन्ना राजभर की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार सुबह चक्का जाम कर दिया। इससे सिकंदरपुर-नगरा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। सूचना पर पहुंची कई थानों की फोर्स ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लखनापार गांव निवासी देवा बीते तीन मई को रामपुर कटराई गांव में सट्टे पर खाना बनाने गया था।
रास्ते में बदमाशों ने बोला था हमला
वहां से वह अपने गांव के ही अभिषेक राजभर के साथ वापस घर आ रहा था। रामपुर कटराई चट्टी के पास पहले से घात लगाए छह बदमाशों ने घेरकर उसकी लाठी-डंडे से पिटाई कर दी। इसी दौरान देवा के साथ रहा युवक अपनी जान बचाकर भागा। गांव पहुंचा और परिजनों को घटना की सूचना दी।
घायल अवस्था में देवा को लोगों ने सीएचसी सिकंदरपुर पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में भी देवा की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे मऊ लेकर चले गए। जहां से चिकित्सकों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। बीएचयू अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार शाम करीब सात बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
देवा की मां कबूतरी देवी और भाई दिलावर राजभर ने आरोप लगाया कि घटना के दिन ही चार युवकों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शांति भंग का मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया था, जिससे आरोपियों की उसी दिन जमानत हो गई थी। थानाध्यक्ष सिकंदरपुर दिनेश पाठक ने कहा कि तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। एक आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी की जाएगी। शेष आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।