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Ballia News: 14 करोड़ से कराए काम बाढ़ के पहले ही झटके में बहने लगे
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सिकंदरपुर क्षेत्र के निपनिया गांव के समीप उपजाऊ भूमि को काटती सरयू नदी की लहरें। संवाद
सिकंदरपुर। मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के दियारा इलाकों में सरयू नदी के कारण कटान तेज हो गई । सिसोटार, निपनिया पुरुषोत्तम पट्टी, जिंदापुर, गोसाईपुर समेत कई गांवों में जमीन नदी में समाने लगी।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने करीब 14 करोड़ रुपये से नदी के किनारों पर बड़े-बड़े पत्थरों को लोहे की जाली में बांधकर कटान निरोधक कार्य कराया था। इसके बावजूद इस वर्ष बरसात शुरू होने से पहले ही कई स्थानों पर नदी का दबाव बढ़ने से कटान शुरू हो गई है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार 7 जुलाई को डीएसपी हेड घाघरा पर नदी का जलस्तर 59.83 मीटर दर्ज किया गया था, जो 8 जुलाई की सुबह बढ़कर 60.25 मीटर हो गया। 24 घंटे में जलस्तर में 0.42 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, 7 जुलाई तक 41.0 मिलीमीटर संचयी वर्षा दर्ज की गई थी, जो 8 जुलाई की सुबह 2.4 मिलीमीटर अतिरिक्त वर्षा के बाद बढ़कर 43.4 मिलीमीटर हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते जलस्तर और वर्षा से आने वाले दिनों में कटान और तेज होने की आशंका है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने करीब 14 करोड़ रुपये से नदी के किनारों पर बड़े-बड़े पत्थरों को लोहे की जाली में बांधकर कटान निरोधक कार्य कराया था। इसके बावजूद इस वर्ष बरसात शुरू होने से पहले ही कई स्थानों पर नदी का दबाव बढ़ने से कटान शुरू हो गई है।
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बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार 7 जुलाई को डीएसपी हेड घाघरा पर नदी का जलस्तर 59.83 मीटर दर्ज किया गया था, जो 8 जुलाई की सुबह बढ़कर 60.25 मीटर हो गया। 24 घंटे में जलस्तर में 0.42 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, 7 जुलाई तक 41.0 मिलीमीटर संचयी वर्षा दर्ज की गई थी, जो 8 जुलाई की सुबह 2.4 मिलीमीटर अतिरिक्त वर्षा के बाद बढ़कर 43.4 मिलीमीटर हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते जलस्तर और वर्षा से आने वाले दिनों में कटान और तेज होने की आशंका है।
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