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Ballia News: पहली बार ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस में प्रदर्शन करेगी नारी शक्ति
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रक्षाबंधन पर्व पर आयोजित होने वाले महावीरी झंडा जुलूस में प्रतिभाग करने वाली युवतिया।संवाद
बलिया। शहर में निकलने वाले ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस में नारी शक्ति भी दिखाई देगी। वर्तमान में युवा जहां रील बनाने में व्यस्त हैं, वहीं, शहर के राजपूत नेवरी हनुमान मंदिर पर बेटियां डमरू व झाल बजाने की कला को सीख रही हैं। गुरु अभय पटेल की देखरेख में इस अनोखी शास्त्रीय परंपरा में दक्ष हो रही है।
धर्म व आस्था से जुड़े इस कला का प्रदर्शन बेटियां 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर नगर में निकलने वाले महावीरी झंडा जुलूस में करेंगी। इसके लिए 17 बेटियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनकी इस कला व सीखने की ललक को देखते हुए परिवार के सदस्यों ने भी अनुमति दी है। इनके गुरु और श्री भृगु क्षेत्र भक्त मंडल (डमरू दल) के संस्थापक अभय पटेल शास्त्रीय विधाएं सिखा रहे हैं। यह बच्चियां मद्रासी परिधान में डमरू के साथ दिखेंगी। उधर, श्री भृगु क्षेत्र भक्त मंडल (डमरू दल) में 55 बच्चे जनवरी 2022 से डमरू व झाल का प्रशिक्षण लेकर प्रत्येक महाशिवरात्रि सहित अनेकों कार्यक्रम में प्रतिभा करने का काम करते हैं। इनका प्रशिक्षण रात 9 से 10:30 बजे रात्रि तक भृगु बाबा मंदिर परिसर में गुरु अभय पटेल शास्त्रीय द्वारा दिया जाता है।
क्या कहती हैं बेटियां
महाशिवरात्रि के जुलूस में डमरू दल को देखा था। इसके बाद मन में सीखने की ललक जगी और टीम के गुरु से संपर्क किया। आज उनके सानिध्य में प्रशिक्षण ले रही हूं। -प्रीति यादव
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इंस्टाग्राम और फेसबुक पर देखने के बाद मन में डमरू बजाने की जिज्ञासा जगी। इसके बाद टीम के लीडर से संपर्क किया। आज उनके सानिध्य में प्रशिक्षण ले रही हूं।-संजना कुमारी
शिव बारात डमरू को बजाते देखा था। इसके बाद अपने माता-पिता से सीखने की इच्छा जाहिर की। उनके द्वारा सीखने की अनुमति प्रदान की गई। आज मैं प्रशिक्षण ले रही हूं।-शिल्पी
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अंजली कुमारी ने बताया कि शिव बारात में डमरू को बजाते देख बहुत अच्छा लगा था, उसके बाद घर वालों से बात की। घर वालों की सपोर्ट मिलने के कारण गुरु अभय पटेल शास्त्री के सानिध्य में वर्ष 2024 से सीख रही हूं।
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बच्चियों को राजपूत नेवरी हनुमान मंदिर पर प्रशिक्षण दिया जाता है। जगह कम होने के कारण कुछ दिक्कतें आती है। बच्चियां होने के कारण उनके परिवार वाले काफी दूर जाने की इजाजत नहीं देते है। ऐतिहासिक महावीरी झंड जुलूस में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
-अभय पटेल, प्रशिक्षक।
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धर्म व आस्था से जुड़े इस कला का प्रदर्शन बेटियां 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर नगर में निकलने वाले महावीरी झंडा जुलूस में करेंगी। इसके लिए 17 बेटियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनकी इस कला व सीखने की ललक को देखते हुए परिवार के सदस्यों ने भी अनुमति दी है। इनके गुरु और श्री भृगु क्षेत्र भक्त मंडल (डमरू दल) के संस्थापक अभय पटेल शास्त्रीय विधाएं सिखा रहे हैं। यह बच्चियां मद्रासी परिधान में डमरू के साथ दिखेंगी। उधर, श्री भृगु क्षेत्र भक्त मंडल (डमरू दल) में 55 बच्चे जनवरी 2022 से डमरू व झाल का प्रशिक्षण लेकर प्रत्येक महाशिवरात्रि सहित अनेकों कार्यक्रम में प्रतिभा करने का काम करते हैं। इनका प्रशिक्षण रात 9 से 10:30 बजे रात्रि तक भृगु बाबा मंदिर परिसर में गुरु अभय पटेल शास्त्रीय द्वारा दिया जाता है।
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क्या कहती हैं बेटियां
महाशिवरात्रि के जुलूस में डमरू दल को देखा था। इसके बाद मन में सीखने की ललक जगी और टीम के गुरु से संपर्क किया। आज उनके सानिध्य में प्रशिक्षण ले रही हूं। -प्रीति यादव
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इंस्टाग्राम और फेसबुक पर देखने के बाद मन में डमरू बजाने की जिज्ञासा जगी। इसके बाद टीम के लीडर से संपर्क किया। आज उनके सानिध्य में प्रशिक्षण ले रही हूं।-संजना कुमारी
शिव बारात डमरू को बजाते देखा था। इसके बाद अपने माता-पिता से सीखने की इच्छा जाहिर की। उनके द्वारा सीखने की अनुमति प्रदान की गई। आज मैं प्रशिक्षण ले रही हूं।-शिल्पी
अंजली कुमारी ने बताया कि शिव बारात में डमरू को बजाते देख बहुत अच्छा लगा था, उसके बाद घर वालों से बात की। घर वालों की सपोर्ट मिलने के कारण गुरु अभय पटेल शास्त्री के सानिध्य में वर्ष 2024 से सीख रही हूं।
बच्चियों को राजपूत नेवरी हनुमान मंदिर पर प्रशिक्षण दिया जाता है। जगह कम होने के कारण कुछ दिक्कतें आती है। बच्चियां होने के कारण उनके परिवार वाले काफी दूर जाने की इजाजत नहीं देते है। ऐतिहासिक महावीरी झंड जुलूस में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
-अभय पटेल, प्रशिक्षक।