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Ballia News: आए दिन टूट रहे तार, कई दिनों तक गुल रह रही बिजली
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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान अलाइनमेंट में आने वाले यूटिलिटी शिफ्टिंग नहीं होने से आए दिन पोल तार टूट रहे हैं। दूसरी ओर बसंतपुर उपकेंद्र के चितबड़ागांव पावर हाउस से जोड़ने का काम भी अधर में लटका है।
हालांकि पोल तार लगाने का 90 फीसदी कार्य महीनों पहले पूरा हो चुका है। बिजली निगम की इस लापरवाही का नतीजा 40 से अधिक गांवों को झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा बिजली निगम के 33 व 11 केवी की अधिकांश लाइन खेतों से होकर ही गुजरी है।
नगरीय क्षेत्रों में सड़कों की चौड़ीकरण व ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कों के निर्माण के समय खासकर बिजली निगम के पोल, तार ट्रांसफार्मर काफी बाधक बनते हैं। सड़कों के निर्माण के पूर्व विभाग की ओर से बिजली निगम को यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए पत्र तो भेजा जाता है लेकिन निगम इसको लेकर उदासीन बना रहता है। इसके चलते आम लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है।
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ग्रीनफील्ड हो या नगर का फोरलेन, यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम पूरा नहीं
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का काम एनएचएआई की ओर से नामित एजेंसी करा रही है। बताया जाता है कि ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट में कई जगह एचटी व एलटी लाइन आ रही है। इस बाबत एनएचएआई की ओर से महीनों पहले ही इन स्थानों पर इन लाइनों को अंडरग्राउंड करने के लिए पत्र भेजा गया है लेकिन यह कार्य नहीं हुआ। माल्देपुर से कदम चौराहा के बीच एनएच सड़क को फोरलेन किया जा रहा है। इस मार्ग पर भी यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम पूरा नहीं होने से आए दिन किसी न किसी इलाके की बिजली बाधित होती है।
बसंतपुर उपकेंद्र को चितबड़ागांव पावर हाउस से जोड़ने का काम भी अधूरा
सोहांव ब्लॉक के विद्युत उपकेंद्र बसंतपुर व कोटवा नारायनपुर से 75 गांवों की आपूर्ति होती है। दो वर्ष पहले बसंतपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र को चितबड़ागांव स्थित 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से जोड़ने का कार्य शुरु किया गया। एनएच 31 के किनारे नई लाइन का कार्य अधिकांश पूरा हो चुका है। लेकिन बचे अन्य कार्य अधर में लटका है। इसका दंश बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 40 गांवों को झेलना पड़ रहा है।
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हालांकि पोल तार लगाने का 90 फीसदी कार्य महीनों पहले पूरा हो चुका है। बिजली निगम की इस लापरवाही का नतीजा 40 से अधिक गांवों को झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा बिजली निगम के 33 व 11 केवी की अधिकांश लाइन खेतों से होकर ही गुजरी है।
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नगरीय क्षेत्रों में सड़कों की चौड़ीकरण व ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कों के निर्माण के समय खासकर बिजली निगम के पोल, तार ट्रांसफार्मर काफी बाधक बनते हैं। सड़कों के निर्माण के पूर्व विभाग की ओर से बिजली निगम को यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए पत्र तो भेजा जाता है लेकिन निगम इसको लेकर उदासीन बना रहता है। इसके चलते आम लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है।
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ग्रीनफील्ड हो या नगर का फोरलेन, यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम पूरा नहीं
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का काम एनएचएआई की ओर से नामित एजेंसी करा रही है। बताया जाता है कि ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट में कई जगह एचटी व एलटी लाइन आ रही है। इस बाबत एनएचएआई की ओर से महीनों पहले ही इन स्थानों पर इन लाइनों को अंडरग्राउंड करने के लिए पत्र भेजा गया है लेकिन यह कार्य नहीं हुआ। माल्देपुर से कदम चौराहा के बीच एनएच सड़क को फोरलेन किया जा रहा है। इस मार्ग पर भी यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम पूरा नहीं होने से आए दिन किसी न किसी इलाके की बिजली बाधित होती है।
बसंतपुर उपकेंद्र को चितबड़ागांव पावर हाउस से जोड़ने का काम भी अधूरा
सोहांव ब्लॉक के विद्युत उपकेंद्र बसंतपुर व कोटवा नारायनपुर से 75 गांवों की आपूर्ति होती है। दो वर्ष पहले बसंतपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र को चितबड़ागांव स्थित 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से जोड़ने का कार्य शुरु किया गया। एनएच 31 के किनारे नई लाइन का कार्य अधिकांश पूरा हो चुका है। लेकिन बचे अन्य कार्य अधर में लटका है। इसका दंश बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 40 गांवों को झेलना पड़ रहा है।