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आ गई ठंड, स्कूलों में बिना मोजा, स्वेटर के आ रहे नौनिहाल

Mon, 13 Dec 2021 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Dec 2021 11:00 PM IST
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Winter has come, without stockings, sweaters are coming to the schools
मधुबनी स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक पर बिना स्वेटर, जूता मौजा के पढ़ने के लिए आए बच्चे। - फोटो : BALLIA
बलिया। जिले के परिषदीय स्कूलों के अधिकांश बच्चे अब भी बिना यूनिफार्म के आ रहे हैं। इनमें से कई बच्चों के अभिभावकों को अब भी इस मद में धनराशि नहीं मिली है। जिन्हें मिली है, वे भी जूता-मोजा, स्वेटर बैग खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना पर ही सवालिया निशान लग रहा है। हालांकि विभागीय लोगों का कहना है कि अभिभावकों को इन सामान को खरीदने के लिए प्रेरित करने का निर्देश शिक्षकों को दिया गया है।
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जिले में 2249 परिषदीय विद्यालय हैं, जहां करीब 3,12,632 छात्र नामांकित हैं। यहां के 1,98,745 छात्रों को अब भी डीबीटी के जरिए मिलने वाली धनराशि नहीं मिली है। नामांकित छात्रों के सापेक्ष अब तक केवल 1,14,897 लाख छात्रों के अभिभावकों के खाते में ही अक्तूबर में धन भेजा गया है। धन भेजे हुए करीब एक माह से अधिक का समय हो चुका हैं। इसके बावजूद अधिकांश अभिभावकों ने जूता-मोजा, स्कूल बैग, ड्रेस और स्वेटर की खरीदारी नहीं की है। परिणामस्वरूप ठंड शुरू होने के बावजूद नौनिहाल हवाई चप्पल व पुराने यूनिफार्म में ही विद्यालय आ रहे हैं। बीएसए शिव नारायन सिंह बताते हैं कि डीबीटी से अभिभावकों के खाते में धन भेजने की व्यवस्था की गई है। अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वह खरीदारी इसी सप्ताह अवश्य कर लें।
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अभिभावक बोले, इतने पैसे में कैसे होगी खरीदारी
शासन की ओर से बच्चों के लिए खरीदे जाने वाले हर सामान की कीमत का आंकलन किया गया है। इसमें 600 रुपये में दो सेट यूनिफार्म, 175 रुपये में बैग, 200 रुपये में स्वेटर व 125 रुपये में जूता-मोजा खरीदना है। विशुनपुरा निवासी राजेश तिवारी ने बताया कि अब तक उनके खाते में पैसा नहीं आया है। रुस्तमपुर निवासी लाल बहादुर ने बताया कि इस महंगाई में दो सेट यूनिफार्म की सिलाई ही चार सौ रुपये हो जाएगी कपड़े खरीद कर सिलाई सहित तो लगभग सात सौ रुपये हो जाएगा। शेष चार सौ में जूता मोजा, बैग, स्वेटर कैसे खरीद पाएंगे। रघुनाथपुर निवासी प्रेमलाल का कहना है कि अब तक उनके पास पैसे नहीं आए हैं। जैसे ही पैसे आएंगे, जरूरी सामान खरीद लेंगे। हरिपुर निवासी रामाशंकर गुप्ता ने कहा कि अभी उनके खाते में धन नहीं आया है तो कहां से यह सामान खरीदें।
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34 अभिभावकों के खाते में पहुंचा धन
बैरिया। विकास खंड बैरिया के प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्वेटर, जूता-मोजा, बैग खरीदने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में धन नहीं पहुंचा है। जिससे छोटे-छोटे बच्चे ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंच रहे है। क्षेत्र के इक्का-दुक्का विद्यालय छोड़ कर किसी ने अब तक स्वेटर, जुता-मोजा व स्कूल बैग का पैसा अभिभावकों के खाते में नहीं भेजा है। सोमवार को मधुबनी प्राथमिक विद्यालय नम्बर एक पर छात्र-छात्राएं ठंड के कारण धूप में बैठे हुए थे। इस विद्यालय में कुल 124 छात्र-छात्राएं के सापेक्ष दो एक प्रधानाध्यापक, दो सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्रों की तैनाती है। बच्चों का कहना है कि अब तक पापा-मम्मी के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। प्रधानाध्यापक अब्दुल रसीद ने कहा कि अब तक 34 छात्र-छात्राओं के खाते में भेज भी दिया गया है,बाकी के खाते में जल्द भेजा जाएगा।
दस प्रतिशत बच्चों को नसीब हुआ यूनिफार्म
रतसर। यूनिफार्म व स्वेटर के लिए शासन द्वारा छात्र / छात्राओं के बैंक खाते में पैसा भेजने में हो रही लापरवाही के कारण अबतक प्रावि के दस फीसदी बच्चे भी ना ही स्वेटर ना ही यूनिफार्म में नजर आ रहे है। जिनके खाते में रकम आ चुकी है, उनमें से भी अधिकतर बच्चों के अभिभावक अभी तक स्कूल के लिए स्वेटर ड्रेस व जूता मोजा नहीं खरीदे है। सोमवार को नगर स्थित कंपोजिट विद्यालय में ठंड के बावजूद कक्षा एक से कक्षा आठ तक के गिने चुने बच्चे ही यूनिफार्म व स्वेटर पहने नजर आये। बच्चों ने बताया कि उनके अभिभावकों के खाते में अबतक धन नहीं आया है। जिनके खाते में धन आया है, उनकी शिकायत रही कि उनके माता पिता ने अभी स्वेटर आदि खरीदा नहीं है।
बिना स्वेटर और ड्रेस के स्कूल आ रहे बच्चे
नरहीं। प्रदेश सरकार के मंशा के अनुरूप प्राथमिक विद्यालयों एवं जूनियर विद्यालयों में बच्चों को ड्रेस, पैंट, स्वेटर, जूता मोजा बैग नहीं मिल पाया है इसका ख़ास वजह यह है कि सरकार इस साल से बच्चों के अभिभावकों के खाते में सीधे पैसा भेज रहीं हैं। यही कारण है कि बच्चे बिना स्वेटर, जूता के इस ठंड में भी स्कूल जा रहें हैं। विकास खंड सोहांव के बीआरसी बृजेश कुमार राय ने बताया कि 6000 अभिभावकों के खाते में रूपया भेज दिया गया है। जल्द ही चार हजार और अभिभावकों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा।
50 फीसद अभिभावकों के खाते में पहुंची धनराशि
जयप्रकाशनगर। शिक्षा क्षेत्र मुरली छपरा में 104 परिषदीय विद्यालय है,जिसमें करीब18900 सौ छात्र शिक्षा ग्रहण करते है। लेकिन अभी तक करीब नव हजार छात्र छात्राओं के ही खाते में अब तक यह धन सरकार द्वारा भेजा गया है। जिसके कारण अन्य छात्र व छात्रा बिना स्वेटर ड्रेस जूता मोजा के ही विद्यालय जा रहे है।जबकि खण्ड शिक्षा अधिकारी एके राय की मानें तो शिक्षा क्षेत्र मुरली छपरा की में 16 हजार 200 सौ छात्र छात्राओं के सभी कागजात सम्बंधित अधिकारियों को भेज दिए गयें है। जिन अभिभावकों के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है, उनके खाते में धनराशि भेजी जा रही है। बताया कि दो हजार 700 सौ छात्र छात्राओं की कागजी त्रुटियों के कारण अभी पैसा भेजने के लिए कागजी कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है।

डीबीटी पोर्टल पर शेष बचे हुए अभिभावकों का डाटा अपलोड किया जा रहा है। इस माह के अंत तक यह कार्य पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद इन अभिभावकों के खाते में भी पैसे पहुंच जाएंगे। पूर्व में कुछ अभिभावकों के डाटा में कुछ गड़बड़ी थी, इसे संशोधित किया जा रहा है। शिक्षकों को यह निर्देश दिया गया है कि वह अभिभावकों को सामान खरीदने के लिए प्रेरित करें।
-शिवनारायन सिंह, बीएसए, बलिया।

प्राथमिक विद्यालय डोमन राय के टोला बिना ड्रेस व जूता मोजा ,बैग आदि के पढ़ने जाते बच्चे।

प्राथमिक विद्यालय डोमन राय के टोला बिना ड्रेस व जूता मोजा ,बैग आदि के पढ़ने जाते बच्चे।- फोटो : BALLIA

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