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Ballia News: कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर आज लगेगी आस्था की डुबकी
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भृगु क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी हो गई है। मुख्य स्नान रविवार की आधी रात के बाद ही शुुरू हो गया। सोमवार को दिनभर लाेग पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाएंगे।स्नानार्थियों की भीड़ भी रविवार दोपहर बाद से ही गंगा घाट पर पहुंचनी शुरू हो गई। कोई घाट पर डेरा जमाए रहा तो कोई सहायता शिविरों में रुका रहा। स्नान के साथ ही जिले का ऐतिहासिक ददरी मेला शुरू हो जाएगा। स्नानार्थियों की सुरक्षा को लेकर शिवरामपुर गंगा घाट पर चार वॉच टॉवर बनाए गए हैं।
इसके अलावा कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर रविवार को महावीर घाट से संगम तट तक जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग का काम चलता रहा। खतरनाक स्थलों पर बल्ली लगाने में मजदूर लगे हुए थे। वहीं, क्षतिग्रस्त मार्ग पर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर पालिका परिषद की तरफ से लाइट भी लगाई जा रही थी। संगम तट पर भी समतल करने का काम किया जा रहा है। स्नान के दौरान तट पर जुटने वाले लोगों की सहूलियत और सुविधा के लिए जिला प्रशासन भी मुस्तैद है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस बार गंगा तट पर करीब 50 महिला-पुरुष शौचालय और महिलाओं के वस्त्र आदि बदलने के लिए 25 अस्थाई कक्ष बनाए गए हैं। महावीर घाट होते हुए गंगा तट पर जाने वाले मार्ग की साफ-सफाई आदि का कार्य कराया गया है। कूड़े आदि वाले स्थानों पर मिट्टी डालकर उसे समतल किया गया है। गंगा किनारे रेत और कीचड़ को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन द्वारा सुगम आवागमन के लिए लोहे की चादर को गंगा नदी के किनारे तक बिछाया जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने आए हजारों श्रद्धालु संतों की कुटिया में डेरा जमाए रहे।
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दिन में ही शुरु हो गया था श्रद्धालुओं के आने का क्रम
शिवरामपुर संगम तट पर स्नानार्थियों का पहुंचने का रेला सुबह से लगा रहा, दोपहर बाद उनकी संख्या बढ़ती गई। रात होते-होते संगम तट पर लाखों लोग इकट्ठा हो गए। रेलवे स्टेशन, रोडवेज व निजी साधन से लोग पहुंचे, महिलाएं सिर पर गठरी व बैग लेकर मंगल गीत गाते हुए घाट पर पहुंची। महावीर घाट से संगम तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी थी कि पूरे मार्ग में कहीं तिल भर भी जगह नहीं दिख रही थी। वीआईपी वाहनों को छोड़ अन्य किसी भी वाहन का घाट पर जाने का पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
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इसके अलावा कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर रविवार को महावीर घाट से संगम तट तक जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग का काम चलता रहा। खतरनाक स्थलों पर बल्ली लगाने में मजदूर लगे हुए थे। वहीं, क्षतिग्रस्त मार्ग पर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर पालिका परिषद की तरफ से लाइट भी लगाई जा रही थी। संगम तट पर भी समतल करने का काम किया जा रहा है। स्नान के दौरान तट पर जुटने वाले लोगों की सहूलियत और सुविधा के लिए जिला प्रशासन भी मुस्तैद है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस बार गंगा तट पर करीब 50 महिला-पुरुष शौचालय और महिलाओं के वस्त्र आदि बदलने के लिए 25 अस्थाई कक्ष बनाए गए हैं। महावीर घाट होते हुए गंगा तट पर जाने वाले मार्ग की साफ-सफाई आदि का कार्य कराया गया है। कूड़े आदि वाले स्थानों पर मिट्टी डालकर उसे समतल किया गया है। गंगा किनारे रेत और कीचड़ को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन द्वारा सुगम आवागमन के लिए लोहे की चादर को गंगा नदी के किनारे तक बिछाया जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने आए हजारों श्रद्धालु संतों की कुटिया में डेरा जमाए रहे।
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दिन में ही शुरु हो गया था श्रद्धालुओं के आने का क्रम
शिवरामपुर संगम तट पर स्नानार्थियों का पहुंचने का रेला सुबह से लगा रहा, दोपहर बाद उनकी संख्या बढ़ती गई। रात होते-होते संगम तट पर लाखों लोग इकट्ठा हो गए। रेलवे स्टेशन, रोडवेज व निजी साधन से लोग पहुंचे, महिलाएं सिर पर गठरी व बैग लेकर मंगल गीत गाते हुए घाट पर पहुंची। महावीर घाट से संगम तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी थी कि पूरे मार्ग में कहीं तिल भर भी जगह नहीं दिख रही थी। वीआईपी वाहनों को छोड़ अन्य किसी भी वाहन का घाट पर जाने का पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
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