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कौन चले भाई कौन चले, भारत मां के लाल चले
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बलिया। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयं सेवक ने शुक्रवार को नगर में पथ संचलन किया। सिर पर टोपी और हाथ में डंडा लेकर बैंड की धुन पर कदमताल करते हुए स्वयं सेवकों ने भारत मां के जयकारे लगाए। मां भारती का गौरव विश्व पटल पर स्थापित करने का संकल्प दोहराया। नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वयं सेवकों का स्वागत किया।
रामलीला मैदान में एकत्रित हुए स्वयं सेवक पूर्ण गणवेश में पथ संचलन करते हुए एलआईसी तिराहा, हनुमानगढ़ी मंदिर, विजय सिनेमा रोड, चौक, सेनानी उमाशंकर सिंह चौराहा, विशुनीपुर, चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन, माल गोदाम रोड होते हुए वापस रामलीला मैदान पहुंचे। यहां जन समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संचलन के दौरान जगह-जगह महिलाओं-पुरुषों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। संचलन से पूर्व स्वयंसेवकों ने व्यायाम योग और आसन का प्रदर्शन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रांत के प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख विष्णु गोयल ने इस दिवस की महत्ता बताई। कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय काल गणना का प्रथम दिन यानी नववर्ष का प्रारंभ दिवस होता है। इस उत्सव का राष्ट्रीय विजय की स्फूर्तिदायक स्मृति से भी संबंध है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जन्मोत्सव का नवरात्रों का प्रारंभ इसी दिन से होता है। इसी दिन राजा विक्रमादित्य ने शकों पर पूर्ण विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में विक्रमी संवत प्रारंभ किया। इसी दिन स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने आर्य समाज की स्थापना की। वर्ष प्रतिपदा का मुहूर्त सभी शुभ कार्यों को प्रारंभ करने के लिए उचित माना जाता है। इसी दिन डॉ. केशव बलराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। वे संघ के निर्माता थे। संघ प्रार्थना के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। मंच पर जिला संघचालक भृगुजी भी उपस्थित रहे। अतिथियों का परिचय जिला कार्यवाह हरनाम जी व आभार सह जिला कार्यवाह अरुण मणि ने किया। अध्यक्षता सेवानिवृत्त आयकर निरीक्षक अनुग्रह कुमार सिंह और संचालन राजेंद्र पांडेय ने किया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक सौरभ, सह जिला संघचालक डॉ. विनोद सिंह, नगर संघचालक बृजमोहन, सह नगर संघचालक परमेश्वरनश्री, सह प्रांत कार्यवाह विनय, विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, संजय शुक्ल, जिला प्रचारक सत्येंद्र, नगर प्रचारक सचिन आदि मौजूद रहे।
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रामलीला मैदान में एकत्रित हुए स्वयं सेवक पूर्ण गणवेश में पथ संचलन करते हुए एलआईसी तिराहा, हनुमानगढ़ी मंदिर, विजय सिनेमा रोड, चौक, सेनानी उमाशंकर सिंह चौराहा, विशुनीपुर, चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन, माल गोदाम रोड होते हुए वापस रामलीला मैदान पहुंचे। यहां जन समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संचलन के दौरान जगह-जगह महिलाओं-पुरुषों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। संचलन से पूर्व स्वयंसेवकों ने व्यायाम योग और आसन का प्रदर्शन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रांत के प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख विष्णु गोयल ने इस दिवस की महत्ता बताई। कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय काल गणना का प्रथम दिन यानी नववर्ष का प्रारंभ दिवस होता है। इस उत्सव का राष्ट्रीय विजय की स्फूर्तिदायक स्मृति से भी संबंध है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जन्मोत्सव का नवरात्रों का प्रारंभ इसी दिन से होता है। इसी दिन राजा विक्रमादित्य ने शकों पर पूर्ण विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में विक्रमी संवत प्रारंभ किया। इसी दिन स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने आर्य समाज की स्थापना की। वर्ष प्रतिपदा का मुहूर्त सभी शुभ कार्यों को प्रारंभ करने के लिए उचित माना जाता है। इसी दिन डॉ. केशव बलराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। वे संघ के निर्माता थे। संघ प्रार्थना के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। मंच पर जिला संघचालक भृगुजी भी उपस्थित रहे। अतिथियों का परिचय जिला कार्यवाह हरनाम जी व आभार सह जिला कार्यवाह अरुण मणि ने किया। अध्यक्षता सेवानिवृत्त आयकर निरीक्षक अनुग्रह कुमार सिंह और संचालन राजेंद्र पांडेय ने किया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक सौरभ, सह जिला संघचालक डॉ. विनोद सिंह, नगर संघचालक बृजमोहन, सह नगर संघचालक परमेश्वरनश्री, सह प्रांत कार्यवाह विनय, विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, संजय शुक्ल, जिला प्रचारक सत्येंद्र, नगर प्रचारक सचिन आदि मौजूद रहे।
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