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हुनरमंदों की होने लगी खोज, कंपनियों से आ रहा बुलावा
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प्रवासी मजदूरों को कंपनी से आया बुलावा पर प्रतिक्रिया: नफीस अंसारी।
- फोटो : BALLIA
बलिया। हाथों में हुनर हो तो कोई बेकार नहीं रह सकता। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान कंपनियां बंद होने पर बड़ी संख्या में कामगार घर लौट आए थे। परेशानियां इस कदर झेली थीं कि लौट कर नहीं जाने की कसम खाई थी लेकिन जैसे ही कंपनियों को लगा कि अब उनके खुलने का रास्ता साफ हो गया है तो उन्होंने घर लौटे कर्मचारियों को बुलाना शुरू कर दिया। जिले के तीन हुनरमंद कंपनियों के बुलावे पर काम पर लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी उन्हें प्रति माह 70 प्रतिशत वेतन कंपनी की ओर से मिलता रहा। कंपनी ने उन्होंने बुलाते हुए कहा कि वे अपने खर्चे से आ जाएं यहां भुगतान कर दिया जाएगा।
मनियर नगर पंचायत के सगीर हसन के दो पुत्र नौशाद अंसारी और नफीस अंसारी एक मल्टीनेशनल कंपनी के कर्मचारी हैं। दोनों मार्च में लॉकडाउन में कंपनी बंद होने पर घर लौटे। इसमें नौशाद ने कानपुर से पालीटेक्निक की है तो नफीस ने इंजीनियरिंग की है। दोनों भाइयों ने एक ही साथ एक की कंपनी में नौकरी ज्वाइन की और अपने हुनर के दम पर देखते ही देखते कंपनी मालिक और अधिकारियों के चहेते बन गए। इस समय ये अपनी कंपनी के किसी भी शहर में खुलने वाले शोरूम को तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नौशाद और नफीस ने बताया कि उन्होंने कंपनी के शोरूम दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, उन्नाव आदि शहरों में भी तैयार किए हैं। लॉकडाउन के समय वे कानपुर में बनने वाले तीन शोरूम के डेकोरेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लॉकडाउन हुआ तो अधिकारियों से बात के बाद हम घर लौट आए। अचानक एक जुलाई को फोन आया कि दोनों किसी भी सूरत में आठ अगस्त तक कानपुर पहुंच जाएं और अपने अधूरे काम को पूरा करें। इसके बाद दोनों भाई यहां से सात अगस्त को निकले और आठ को कानपुर में शोरूम का काम पूरा करने में लग गए।
कंपनी ने भेजा हवाई जहाज का टिकट
अगरौली दोपही निवासी सोनू उपाध्याय पुत्र लाल बच्चा उपाध्याय होली की छुट्टी लेकर घर आया था। अभी यहीं था कि अचानक लॉकडाउन हो गया। इसके बाद वह लौटकर कंपनी नहीं जा सका, लेकिन प्रतिमाह उसके एकाउंट में 67 फीसदी मानदेय आता रहा। जुलाई के अंतिम सप्ताह में कंपनी से फोन आया और कहा गया कि काम पर वापस लौटने की तैयारी करो। कंपनी ने उसे बलिया से पटना तक का रेल का टिकट और पटना से अहमदाबाद का हवाई टिकट उसके मोबाइल पर भेज दिया। वहां जाने के बाद की ओर से 14 दिन क्वारंटीन रखा गया और इस समय वह कंपनी में ज्वाइन कर अपना काम बखूबी शुरू कर चुका है। सोनू अपनी कंपनी में पैकिंग एंड डिस्पैच ब्रांच का सीनियर सुपरवाइजर है। मेहनती व ईमानदार होने के कारण वह अधिकारियों का काफी चहेता है।
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मनियर नगर पंचायत के सगीर हसन के दो पुत्र नौशाद अंसारी और नफीस अंसारी एक मल्टीनेशनल कंपनी के कर्मचारी हैं। दोनों मार्च में लॉकडाउन में कंपनी बंद होने पर घर लौटे। इसमें नौशाद ने कानपुर से पालीटेक्निक की है तो नफीस ने इंजीनियरिंग की है। दोनों भाइयों ने एक ही साथ एक की कंपनी में नौकरी ज्वाइन की और अपने हुनर के दम पर देखते ही देखते कंपनी मालिक और अधिकारियों के चहेते बन गए। इस समय ये अपनी कंपनी के किसी भी शहर में खुलने वाले शोरूम को तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नौशाद और नफीस ने बताया कि उन्होंने कंपनी के शोरूम दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, उन्नाव आदि शहरों में भी तैयार किए हैं। लॉकडाउन के समय वे कानपुर में बनने वाले तीन शोरूम के डेकोरेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लॉकडाउन हुआ तो अधिकारियों से बात के बाद हम घर लौट आए। अचानक एक जुलाई को फोन आया कि दोनों किसी भी सूरत में आठ अगस्त तक कानपुर पहुंच जाएं और अपने अधूरे काम को पूरा करें। इसके बाद दोनों भाई यहां से सात अगस्त को निकले और आठ को कानपुर में शोरूम का काम पूरा करने में लग गए।
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कंपनी ने भेजा हवाई जहाज का टिकट
अगरौली दोपही निवासी सोनू उपाध्याय पुत्र लाल बच्चा उपाध्याय होली की छुट्टी लेकर घर आया था। अभी यहीं था कि अचानक लॉकडाउन हो गया। इसके बाद वह लौटकर कंपनी नहीं जा सका, लेकिन प्रतिमाह उसके एकाउंट में 67 फीसदी मानदेय आता रहा। जुलाई के अंतिम सप्ताह में कंपनी से फोन आया और कहा गया कि काम पर वापस लौटने की तैयारी करो। कंपनी ने उसे बलिया से पटना तक का रेल का टिकट और पटना से अहमदाबाद का हवाई टिकट उसके मोबाइल पर भेज दिया। वहां जाने के बाद की ओर से 14 दिन क्वारंटीन रखा गया और इस समय वह कंपनी में ज्वाइन कर अपना काम बखूबी शुरू कर चुका है। सोनू अपनी कंपनी में पैकिंग एंड डिस्पैच ब्रांच का सीनियर सुपरवाइजर है। मेहनती व ईमानदार होने के कारण वह अधिकारियों का काफी चहेता है।

प्रवासी मजदूरों को कंपनी से आया बुलावा पर प्रतिक्रिया: नौशाद अंसारी।- फोटो : BALLIA

प्रवासी मजदूरों को कंपनी से आया बुलावा पर प्रतिक्रिया: सोनू उपाध्याय।- फोटो : BALLIA
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