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पुष्पवर्षा से हुआ पथ संचलन का स्वागत

Sun, 03 Apr 2022 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 11:51 PM IST
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Welcome to movement from floral
रसड़ा। मथुरा महाविद्यालय के प्रांगण में वर्ष प्रतिपदा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पथ संचलन का आयोजन किया गया। स्वयंसेवक गणवेश में रसड़ा के मथुरा पीजी कॉलेज से निकल कर नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुन: मथुरा पीजी कॉलेज के प्रांगण में पहुंचे। बतौर मुख्य अतिथि गोरक्षप्रांत के सह प्रांत प्रचारक अजय ने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम, मां दुर्गा, भारत माता, सर संघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार और गुरु गोलवलकर के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर शुरुआत की।
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पथ संचलन के दौरान जगह-जगह के संभ्रांत लोगों और मातृ शक्तियों की ओर से संचलन में चल रहे स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय कालगणना का प्रथम दिन होता है। इसी दिन से भारतीय नववर्ष का प्रारंभ होता है। सनातन कालगणना सबसे प्राचीन है। सनातन संस्कृति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास अरबों वर्ष पुराना है। आवश्यकता है अपनी संस्कृति और शक्ति को पहचानने की। हमें अपने संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी। इसी दिन को कई कामों के लिए याद किया जाता है। इस उत्सव का राष्ट्रीय विजय की स्फूर्तिदायक स्मृति से भी संबंध है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जन्मोत्सव नवरात्रों का प्रारंभ होता है। इसी दिन विक्रमादित्य द्वारा शकों पर पूर्ण विजय प्राप्त करने के उपलक्ष में विक्रमी संवत का प्रारंभ हुआ। उन्होंने बताया कि नव संवत्सर के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। इस कारण स्वयंसेवक इस दिन को काफी उत्साह और धूमधाम से मनाते हैं। डॉ. हेडगेवार ने भी एक पराक्रमयुक्त, अनुशासित, विश्वविजयी संगठन का अभिनव, ऐतिहासिक, अद्वितीय कार्य का प्रारंभ किया। इसका नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ था, जो आज विश्वव्यापी हो गया है।
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उन्होंने आगे बताया कि हम लोग अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो हमलोग अपनी संस्कृति को नहीं बचा पाएंगे अध्यक्षता जिला संघचालक वृजराज ने किया। इस मौके पर सतीश, गणेश, वेद प्रकाश, अजय, संजय, विकास, अजय, रंजीत, लाल जी, अनुज, श्रीप्रकाश, डाक्टर रामबाबू आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता जिला संघचालक वृजराज सिंह एवम संचालन आलोक गिरि ने दिया।
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