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एनएच 31 पर चलना जोखिम भरा काम, जगह-जगह हैं जानलेवा गड्ढे

Mon, 23 Aug 2021 11:08 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 11:08 PM IST
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Walking on NH 31 is a risky job, there are deadly potholes everywhere
एनएच-31 स्थित सोबंथा गांव के समीप सड़क पर बने गड्ढे में डाला गया ईंट का टुकड़ा। संवाद - फोटो : BALLIA
बलिया। जिले में एनएच-31 पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इस पर चलना जोखिम भरा हो गया है। करीब सात सालों से इस सड़क पर कोई काम नहीं हुआ है। इतना ही नहीं वर्ष 2016 से 2021 तक तीन बार गंगा में आई बाढ़ के दौरान कई जगह एनएच डूबा भी, लेकिन इसके बावजूद मरम्मत कार्य नहीं हुआ। अब एनएच के गड्ढे को कहीं मिट्टी तो ईंट के टुकड़े भरकर चलाया जा रहा है। इसके मरम्मत को करीब एक साल पहले टेंडर भी हो चुका है। जिले में कोटवां नारायनपुर से मांझी तक करीब 90 किमी लंबा एनएच 31 है जो अधिकांश जगहों पर तो पूरी तरह ध्वस्त हो चुका हैं। कई जगह इस कदर गड्ढे हैं कि उसे पार करते समय आए दिन गिरकर लोग चोटिल होते हैं। हो हल्ला मचने के बाद अब ठेकेदार जहां-तहां गड्ढों में मिट्टी, छाई व ईंट के टुकड़े भरकर कोरम पूरा कर रहे हैं। हालांकि यह भी बारिश होते ही गायब हो जा रहा है। बताया जाता है कि वर्ष 2016, 2019 व इस साल भी गंगा में आई बाढ़ का पानी एनएच 31 को कई पार करने लगा। वर्ष 2016 में तो सागरपाली से सोहांव तक कुल 21 किमी में से अलग-अलग जगहों पर 9 किमी एनएच पर करीब एक पखवारा तक एक से तीन फुट तक पानी रहा। इसके चलते सड़क जर्जर हो गई लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जबकि इसके मरम्मत के लिए जून 2020 में 102 करोड़ का टेंडर एनएचएआई की ओर से किया गया था। कार्य पूर्ण करने की अवधि एक साल थी। कार्य की जिम्मेदारी जयपुर के कंपनी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर को दी गई थी। सोहांव ब्लॉक के भरौली गांव के सामने सड़क पर इस कदर गड्ढा है कि आए दिन यहां बाइक या साइकिल सवार गिरकर चोटिल होते हैं। इसे मिट्टी व स्टोन डस्ट से भरकर काम चलाने लायक बनाया गया। लेकिन बारिश होते ही गड्ढे पुराने रुप में आ गए। यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने के बराबर है। नगर से भी एनएच 31 गुजरा है जिसकी हालत सालों से दयनीय है। जापलिनगंज के पास तो सड़क बना गड्ढा काफी खतरनाक हो गया है। कई दिन इस गड्ढे में गिरकर बाइक सवार गंभीर रुप से घायल हो गए। अब सोहांव ब्लॉक के सोबंथा गांव के पास पिछली बाढ़ की तरह इस साल भी गंगा में आई बाढ़ का पानी यहां से गिरने लगा और सड़क पर करीब दो फुट पानी रहा। यहां तो सड़क अस्तित्व ही मिट चुका है। अब यहां बने गड्ढे में ईंट आदि डाला गया है लेकिन यह भी मुश्किल पैदा कर रहा है। नगर स्थित एससी कॉलेज से चंद दूारी पर एनएच पर इस कदर गड्ढा है अगर इसमें कोई वाहन चला जाए तो निकलना मुश्किल हो जाता है। इसके चलते लोगों अगल-बगल से निकलना पड़ता है जिससे सड़क हादसा होने की संभावना बनी रहती है। एनएचएआई आजमगढ़ के तकनीकी प्रबंधक योगेंद्र सिंह ने बताया कि टेंडर के बाद कोरोना काल चला और इसके बाद बरसात से कार्य प्रभावित रहा। बाढ़ के कारण एजेंसी के बैरिया स्थित प्लांट में भी पानी भर गया था। एजेंसी को सभी गड्ढे भरने का निर्देश दिया गया है। कार्य चल रहा है, बरसात बाद मरम्मत कार्य भी होगा।
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