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Ballia News: मनरेगा के ढर्रे पर वीबीजी रामजी, जमीन पर पानी, कागज में खोद रहे 118 पोखरे

Thu, 03 Sep 2026 11:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:37 PM IST
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VBG Ramji follows the MGNREGA model: water on the ground, but 118 ponds being dug only on paper.
जहानागंज के दौलताबाद में पानी से लबालब भरा पोखरा। संवाद
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए मनरेगा में संशोधन कर वीबीजी-रामजी (विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन) किया गया। जिले में मनरेगा के ढर्रे पर वीबी जी रामजी का काम चल रहा है। बारिश के कारण जमीन पर भरा हुआ है फिर भी जिले में एक सप्ताह से कागजों में 118 पोखरे खोदे जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों में पोखरा खोदाई के नाम पर श्रमिकों की फर्जी हाजिरी भी भरी जा रही है। जिले में बृहस्पतिवार को कागजों में 118 पोखरों की खोदाई की जाती रही। इसमें ठेकमा विकास खंड अव्वल रहा। यहां कुल 86 ग्राम पंचायतों में से 75 में कागजों में वीबीजीराम जी का काम चलता रहा, जिसमें सिर्फ 42 पोखरों की खोदाई का काम दर्शाया गया। डीडीओ के अनुसार बारिश में बाहा खोदाई, पोखरी खोदाई, चकबंध निर्माण आदि जैसे कामों पर रोक रहती है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अभी तक 600 मिमी से अधिक बारिश रिकाॅर्ड की गई है। लगातार बारिश के चलते खेतों से लेकर पोखरों तक पानी भरा हुआ है। प्रतिवर्ष जुलाई से सितंबर तक पोखरी खोदाई, बाहा खोदाई, चकबंध निर्माण, खेतों का समतलीकरण आदि मिट्टी के कार्य पर रोक रहती है।
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तीन दिनों से कागजों में लग रही 23 हजार से अधिक श्रमिकों की हाजिरी
जिले में मंगलवार को काफी हद तक मौसम ठीक रहा तो 1133 ग्राम पंचायतों में काम हुआ। हालांकि, इस दौरान में पूरे दिन रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा। बुधवार को सुबह से ही मौसम खराब हो गया। सुबह 08 बजे से ही बारिश शुरू हो गई, जो दोपहर करीब दो बजे तक कभी धीमे तो कभी तेज चलती रही। इस दौरान 1357 ग्राम पंचायतों में धड़ल्ले से पोखरी की खोदाई, चकबंध निर्माण जैसे मिट्टी के कार्य कराए जाते रहे। कुल 24062 श्रमिकों की संख्या वीबीजी-रामजी एप पर दर्ज की गई।
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हरैया में सबसे अधिक, रानी की सराय में सबसे कम लगे श्रमिक
जिले के 22 ब्लाॅकों की कुल 1810 ग्राम पंचायतों में बृहस्पतिवार को 1341 ग्राम पंचायतों में कार्य चलते रहे। इसमें हरैया विकास खंड की 85 ग्राम पंचायतों में से 78 ग्राम पंचायतों में काम चलते रहे। इस दौरान 126 मस्टररोल निकालकर 3255 श्रमिकों की हाजिरी लगाई गई है। दूसरे अजमतगढ़ विकास खंड की 101 ग्राम पंचायतों में से 80 ग्राम पंचायतों में 136 मस्टररोल में 3093 श्रमिक दर्ज किए गए। ठेकमा विकास खंड की कुल 86 ग्राम पंचायतों में 75 गांवों में 109 मस्टररोल के जरिये 2142 श्रमिकों की हाजिरी भरी गई। वहीं, रानी की सराय विकास खंड की कुल 81 ग्राम पंचायतों में से 30 ग्राम पंचायतों में काम चलता पाया गया। इस दौरान 32 मस्टररोल जारी कर सबसे कम 83 श्रमिक के ही मस्टररोल भरे गए।
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जिले में ब्लाकवार पोखरों का विवरण--
अहरौला : 03
अतरौलिया : 01
अजमतगढ़ : 12
हरैया : 03
जहानागंज : 13
लालगंज : 11
महराजगंज : 02
मार्टीनगंज : 03
मेंहनगर : 12
मुहम्मदपुर : 03
पल्हना : 01
फूलपुर : 02
सठियांव : 01
तरवां : 09
ठेकमा : 42
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दौलताबाद में पोखरी लबालब पानी, कागजों में खोदाई
जहानागंज विकास खंड में हो रही भारी बारिश के चलते खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है। वहीं ब्लाॅक प्रशासन जल संचयन के कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। बृहस्पतिवार को हमारी टीम की ओर से पड़ताल की गई। ब्लाॅक के कागजों में कुल 13 पोखरों पर खोदाई का काम दिखाया गया था। इसमें जब दौलताबाद ग्राम पंचायत में पवन सिंह के खेत के बगल में पोखरी खोदाई की पड़ताल की गई तो मौके पर पोखरी पूरी तरह से लबालब पानी से भरी हुई मिली। यहां एक-दो माह तक काम करना नामुमकिन सा दिखा।
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जोगियावीर में नहीं चलता मिला काम
सगड़ी : अजमतगढ़ विकास खंड के आंकड़ों में 12 पोखरों पर खोदाई का कार्य चलता दिखाया गया है। इसमें बृहस्पतिवार को जोगियावीर टिमलपट्टी की पड़ताल की गई तो यहां कोई पोखरा खोदाई का कार्य चलता नहीं पाया गया। कागजों में दो पोखरा खोदाई दिखाया गया है। यहां अगल-बगल के पोखरों में पानी भरा पाया गया।
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लिंक एक्सप्रेस-वे में गई मिट्टी, अब दिखाया जा रहा अमृत सरोवर
अतरौलिया ब्लाॅक की ग्रामसभा दुर्गापुर में झझवा अमृत सरोवर के नाम पर कागजों में काम चलता दिखाया गया है। बृहस्पतिवार को पड़ताल में कार्य होता नहीं मिला। ग्रामीण मुन्ना सिंह, मेर सिंह, विनोद सिंह, बृजेश सिंह, सचिन सिंह और धनंजय सिंह ने बताया कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान जिलाधिकारी के आदेश पर पोखरे की खोदाई कराई गई थी। निकली मिट्टी का इस्तेमाल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण में किया गया था। इसके बाद से पोखरे में किसी तरह के जीर्णोद्धार या खोदाई का काम नहीं हुआ। पूछे जाने पर ग्राम सचिव बृजेश यादव ने बताया कि वह करीब तीन माह पहले पंचायत से कार्यमुक्त हुए थे। उनके कार्यकाल तक पोखरे पर कोई काम नहीं हुआ था। वर्तमान ग्राम सचिव रवींद्र यादव ने बताया कि उन्होंने करीब एक माह पहले ही चार्ज लिया है, इसलिए उन्हें कार्य की जानकारी नहीं है।
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कागजों में अमृत सरोवर निर्माण, धरातल पर भरा है पानी
बरदह। जिले में सबसे अधिक ठेकमा ब्लाॅक में 42 पोखरों की खोदाई कागजों में दिखाई गई है। इसमें जब मौके पर पड़ताल की गई तो बकेश गांव में बाबा सुबाष दास नाथ अमृत सरोवर पूरा पानी से भरा मिला, जबकि कागजों में यहां काम चलता दिखाया जा रहा है। इसी तरह ग्राम पंचायत अशवनिया में तीन पोखरों की खोदाई कागजों में दिखाई जा रही है, जबकि मौके पर पोखरे पानी से लबालब भरे मिले।

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बारिश के मौसम में बाहा खोदाई, पोखरी खोदाई, चकबंध निर्माण आदि जैसे कामों पर रोक रहती है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान पानी भरा रहता है। जिले में अगर कहीं ऐसा चल रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जिसकी संलिप्तता उजागर होगी, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार सिंह, डीडीओ।
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