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कोरोना महामारी अमेरिकी राष्ट्रपति की देन : ओमप्रकाश
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बलिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कोरोना महामारी के प्रसार के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भारत में कोरोना महामारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की देन है। कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरशाह सरकार चला रहे हैं और मुख्यमंत्री कठपुतली बने हुए हैं। गरीब व्यक्ति दूषित पानी का सेवन करता है। इसलिए गरीब व्यक्ति में कोरोना से जूझने की क्षमता अधिक है।
रसड़ा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि देश में जब कोरोना वायरस दस्तक दे रहा था तब मोदी सरकार भाजपा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत और मध्य प्रदेश में खरीद फरोख्त के जरिए सरकार बनाने में व्यस्त थी। कहा कि भारत में कोरोना महामारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लेकर आए हैं। कहा कि अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप के स्वागत कार्यक्रम में ट्रंप के साथ हजारों लोग आए जिनकी कोई जांच नहीं की गई। आरोप लगाया कि 30 जनवरी को केरल में जब कोरोना का पहला मामला सामने आया तभी देश के सभी 20 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सील कर दिया गया होता तो कोरोना अपने देश में भयावह स्थिति में नहीं होता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लॉकडाउन लागू करने के लिए चार घंटे का समय देते हैं जबकि थाली बजाने के लिए दस दिन का समय देते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास श्रावण मास के दौरान कांवरियों के लिए शर्बत का प्रबंध करने व उनसे मिलने के लिए समय है, लेकिन इस समय आ रहे कामगारों के लिए कोई समय नहीं है। कोरोना महामारी से निपटने को लेकर अजीबोगरीब तर्क देते हुए राजभर ने कहा कि गरीब व्यक्ति दूषित पानी का सेवन करता है, इसलिए उसके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। गरीब व्यक्ति में कोरोना से जूझने की क्षमता अधिक है। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा है कि देश में गत 15 जनवरी से 23 मार्च तक विदेश से 78 लाख लोग आए हैं, लेकिन केवल 26 लाख की ही मेडिकल जांच हुई और शेष लोग बगैर जांच के घूम रहे हैं और कोरोना को फैला रहे हैं । उन्होंने आरोप लगाया कि देश एक तरफ़ कोरोना से जूझ रहा है, वहीं भाजपा सरकारों में कोरोना की आड़ में घोटाले हो रहे हैं। कहा मुख्यमंत्री नौकरशाहों के साथ बैठक कर निर्णय लेते हैं , लेकिन इस बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री में से कोई उपस्थित नहीं रहता।
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रसड़ा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि देश में जब कोरोना वायरस दस्तक दे रहा था तब मोदी सरकार भाजपा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत और मध्य प्रदेश में खरीद फरोख्त के जरिए सरकार बनाने में व्यस्त थी। कहा कि भारत में कोरोना महामारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लेकर आए हैं। कहा कि अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप के स्वागत कार्यक्रम में ट्रंप के साथ हजारों लोग आए जिनकी कोई जांच नहीं की गई। आरोप लगाया कि 30 जनवरी को केरल में जब कोरोना का पहला मामला सामने आया तभी देश के सभी 20 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सील कर दिया गया होता तो कोरोना अपने देश में भयावह स्थिति में नहीं होता।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लॉकडाउन लागू करने के लिए चार घंटे का समय देते हैं जबकि थाली बजाने के लिए दस दिन का समय देते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास श्रावण मास के दौरान कांवरियों के लिए शर्बत का प्रबंध करने व उनसे मिलने के लिए समय है, लेकिन इस समय आ रहे कामगारों के लिए कोई समय नहीं है। कोरोना महामारी से निपटने को लेकर अजीबोगरीब तर्क देते हुए राजभर ने कहा कि गरीब व्यक्ति दूषित पानी का सेवन करता है, इसलिए उसके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। गरीब व्यक्ति में कोरोना से जूझने की क्षमता अधिक है। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा है कि देश में गत 15 जनवरी से 23 मार्च तक विदेश से 78 लाख लोग आए हैं, लेकिन केवल 26 लाख की ही मेडिकल जांच हुई और शेष लोग बगैर जांच के घूम रहे हैं और कोरोना को फैला रहे हैं । उन्होंने आरोप लगाया कि देश एक तरफ़ कोरोना से जूझ रहा है, वहीं भाजपा सरकारों में कोरोना की आड़ में घोटाले हो रहे हैं। कहा मुख्यमंत्री नौकरशाहों के साथ बैठक कर निर्णय लेते हैं , लेकिन इस बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री में से कोई उपस्थित नहीं रहता।
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