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Ballia News: आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
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बेरुआरबारी। विकासखंड कार्यालय में एडीओ पंचायत के साथ अभद्र व्यवहार के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अधिकारी-कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
बारिश के बावजूद दोपहर 12 बजे से अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय बंद कर धरने पर बैठे रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार, सात सितंबर को विकासखंड कार्यालय में एडीओ पंचायत उमेश कुमार सिंह के साथ कुछ लोगों के कार्यालय में घुसकर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने की शिकायत की गई थी। मामले में पुलिस ने नौ सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिकारी-कर्मचारियों में नाराजगी है।
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इसी के विरोध में मंगलवार से कार्यालय बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया।धरने के दौरान कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और संगठन की एकजुटता का संदेश दिया। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
आंदोलन के कारण विकासखंड कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इधर, कर्मचारियों के आंदोलन के दबाव के बीच पुलिस ने आरोपियों के घरों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी बीच नामजद आरोपी सिंटू यादव ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में हाजिर होकर जमानत करा ली। इससे कर्मचारियों में और नाराजगी बढ़ गई है। संवाद
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बारिश के बावजूद दोपहर 12 बजे से अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय बंद कर धरने पर बैठे रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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जानकारी के अनुसार, सात सितंबर को विकासखंड कार्यालय में एडीओ पंचायत उमेश कुमार सिंह के साथ कुछ लोगों के कार्यालय में घुसकर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने की शिकायत की गई थी। मामले में पुलिस ने नौ सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिकारी-कर्मचारियों में नाराजगी है।
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इसी के विरोध में मंगलवार से कार्यालय बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया।धरने के दौरान कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और संगठन की एकजुटता का संदेश दिया। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
आंदोलन के कारण विकासखंड कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इधर, कर्मचारियों के आंदोलन के दबाव के बीच पुलिस ने आरोपियों के घरों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी बीच नामजद आरोपी सिंटू यादव ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में हाजिर होकर जमानत करा ली। इससे कर्मचारियों में और नाराजगी बढ़ गई है। संवाद