फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   UP Board Paper Leak ballia police Claim arrested two masterminds in this case total 46 in custody so far

UP Board Paper Leak: पेपर लीक मामले के दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार करने का दावा, अब तक 46 गिरफ्त में

Sun, 03 Apr 2022 07:43 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 03 Apr 2022 07:43 PM IST
सार

बलिया पुलिस के अनुसार पेपर लीक के मास्टरमाइंड एवं महाराजी देवी स्मारक इंटर कॉलेज के प्रबंधक निर्भय नारायन सिंह और राजीव प्रजापति सहित 14 और आरोपियों को पकड़ा गया है। 

विज्ञापन
UP Board Paper Leak ballia police Claim arrested two masterminds in this case total 46 in custody so far
पेपर लीक मामले में अब तक 46 गिरफ्त में - फोटो : सांकेतिक

विस्तार

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड प्रयागराज की अंग्रेजी इंटरमीडिएट का पेपर लीक होने के मामले में बलिया पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार प्रकरण के मास्टरमाइंड एवं महाराजी देवी स्मारक इंटर कॉलेज के प्रबंधक निर्भय नारायन सिंह और राजीव प्रजापति सहित 14 और आरोपियों को पकड़ा गया है।

विज्ञापन


अब तक सभी दर्ज मामलों में कुल 46 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।  पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि इसमें महाराजी देवी स्मारक इंटर कॉलेज किड़िहरापुर के प्रबंधक निर्भय नारायन सिंह और कंप्यूटर के कार्य से संबंधित दुकान चलाने वाला राजीव प्रजापति शामिल हैं।

विज्ञापन

25 से 30 हजार रुपये में हल कॉपियां बेचने का आरोप

राजीव प्रजापति ने कॉलेज को उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्रों के पैकेट से प्रश्नपत्र निकाल कर सुभाष चंद्र इंटर कॉलेज ताड़ीबड़ा गांव थाना नगरा में अंग्रेजी विषय के शिक्षक अविनाश गौतम से सॉल्व कराया। यह हल कापी निर्भय नारायन सिंह को दी गई। निर्भय नारायन सिंह ने 25 से 30 हजार रुपये प्रति छात्र के हिसाब से तय कर इस हल कॉपी को मुलायम चौहान, मनीष चौहान व बृजेश चौहान से उत्तर पुस्तिकाओं पर लिखवाया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने बताया कि निर्भय नारायन सिंह ने आर्थिक लाभ के लिए उक्त प्रश्नपत्र अन्य लोगों को भी दिया। वहीं राजीव प्रजापति ने प्रश्नपत्र अपने मोबाइल के पीडीएफ स्कैनर एप से स्कैन कर सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अन्य लोगों को आर्थिक लाभ के लिए बेचे जाने की बात कबूल की है। यह प्रश्नपत्र उनके पास से बरामद मोबाइल फोन में भी मिला है।

पुलिस का दावा है कि प्रश्नपत्र खरीदने वाले कई व्यक्तियों ने आर्थिक लाभ के लिए अन्य लोगों को बेचे जाने की बात स्वीकार की है। इस बात की पुष्टि उनके बैंक अकाउंट और पेटीएम ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट जो इनके मोबाइल में पाए गए हैं उससे भी हुई है।

अन्य की जांच की जा रही है। मामले को हल करने के लिए सात टीमों का गठन किया गया था। अब तक मामले में चार कॉलेज प्रबंधक, तीन प्रधानाचार्य, 10 शिक्षक, पांच प्राइवेट कोचिंग शिक्षक के साथ तीन विद्यालय क्लर्क व अन्य शामिल हैं।

अब तक ये गिरफ्तार किए गए

इस मामले में अब तक डीआईओएस बृजेश कुमार मिश्रा, नगरा से बृजभान यादव, जय प्रकाश यादव, जनार्दन यादव, सुनील कुमार, राकेश यादव, वरुण सिंह, अनमोल यादव, जय प्रकाश पांडेय, अमित यादव, विशाल यादव, अभिषेक यादव, अनूप चौहान, रजनीकांत यादव, आनंद नरायन चौहान उर्फ मुलायम चौहान, मनीष चौहान, विकास राय, प्रशांत राय, बृजेश चौहान, भानु प्रताप सिंह, निर्भय नारायन सिंह, राजू उर्फ राजीव प्रजापति, अविनाश गौतम, नीरज सिंह, सुनील, कमलेश यादव, चंदन चौहान, ओमकार नाथ, शुभेन्द्र यादव, अहमद रजा, ओम प्रकाश वर्मा, सुधीर कुमार यादव, सुजीत वर्मा, शाहिद अंसारी, अरविंद कुमार, अनिल कुमार गोंड़, अनूप यादव, नरेंद्र प्रसाद गुप्ता, राजेश गुप्ता, अरविंद कुमार वर्मा, मनिंद्र कुमार गुप्ता आदि गिरफ्तार किए गए हैं। 

पेपर लीक मामले में गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

पेपर लीक मामले में पत्रकारों की गिरफ्तारी का चौतरफा विरोध तेज हो गया है। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने रविवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ऐसा न होने पर बलिया प्रशासन के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करने का एलान किया।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष अजय प्रताप नारायण सिंह ने कहा कि पेपर लीक मामले में पत्रकारों को घसीटना लोकतंत्र पर हमला है। पत्रकार का काम खबरों को उजागर करना है। अगर बलिया के पत्रकारों ने पेपर लीक मामले को उजागर किया तो क्या गुनाह कर दिया। वहीं, राष्ट्रीय सचिव सुनील चौधरी ने कहा कि यूपी में पत्रकारों की दशा दिन पर दिन दयनीय होती जा रही है।

पत्रकारों की गिरफ्तारी मीडिया पर लगाम लगाने की कोशिश है। गिरफ्तार साथियों की रिहाई नहीं हुई तो प्रदेश भर में एक बड़ा आंदोलन खड़ा होगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि पत्रकारों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed