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Ballia News: एसई से मारपीट के मामले में दो को नहीं मिली जमानत
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बलिया। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) से कार्यालय में घुसकर मारपीट करने और सरकारी कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी प्रमोद कुमार गंगवार की अदालत ने आरोपी मुन्ना बहादुर व उपेंद्र पांडे की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है।
न्यायालय ने जमानत अर्जी निरस्त करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अनुसूचित जाति के सदस्य जो अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड बलिया के पद पर आसीन है कि ऑफिस में अपने साथियों के साथ बिना अनुमति के घुसकर भद्दी भद्दी गालियां देने लात घुसों से प्रहार करते हुए जूता खोलकर मारने ,शीशे का ग्लास तोड़ने, सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने एवं स्वयं द्वारा इस घटना का वीडियो भी वायरल करके वादी के प्रतिष्ठा के साथ भी अत्यंत गंभीर घटना कार्य करने का आक्षेप है।
वादी द्वारा उपस्थित होकर कहा गया कि जमानत होने के उपरांत फरार हो जाने एवं गवाहों को प्रभावित करने का अंदेशा है तथा तथा अभियोजन द्वारा प्रबल रूप से जमानत का विरोध किया गया। बचाव पक्ष ने भी अपना तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। 23 अगस्त विद्युत वितरण खंड के ऑफिस पर घटित हुआ था अधीक्षण अभियंता के साथ मुन्ना बहादुर सिंह एवं अन्य कई लोगों द्वारा गाली गुप्ता फाइल फाड़ना, ग्लास तोड़ दिए थे। अभियंता लाल सिंह ने मुकदमा पंजीकृत कराया और कोतवाली पुलिस गिरफ्तार कर अदालत में पेशकिया तथा न्यायिक रिमांड के उपरांत मऊ जेल भेज दिए गए है। इस मामले में अज्ञात में चार लोगों को नाम जुड़ा गया है।
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न्यायालय ने जमानत अर्जी निरस्त करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अनुसूचित जाति के सदस्य जो अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड बलिया के पद पर आसीन है कि ऑफिस में अपने साथियों के साथ बिना अनुमति के घुसकर भद्दी भद्दी गालियां देने लात घुसों से प्रहार करते हुए जूता खोलकर मारने ,शीशे का ग्लास तोड़ने, सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने एवं स्वयं द्वारा इस घटना का वीडियो भी वायरल करके वादी के प्रतिष्ठा के साथ भी अत्यंत गंभीर घटना कार्य करने का आक्षेप है।
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वादी द्वारा उपस्थित होकर कहा गया कि जमानत होने के उपरांत फरार हो जाने एवं गवाहों को प्रभावित करने का अंदेशा है तथा तथा अभियोजन द्वारा प्रबल रूप से जमानत का विरोध किया गया। बचाव पक्ष ने भी अपना तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। 23 अगस्त विद्युत वितरण खंड के ऑफिस पर घटित हुआ था अधीक्षण अभियंता के साथ मुन्ना बहादुर सिंह एवं अन्य कई लोगों द्वारा गाली गुप्ता फाइल फाड़ना, ग्लास तोड़ दिए थे। अभियंता लाल सिंह ने मुकदमा पंजीकृत कराया और कोतवाली पुलिस गिरफ्तार कर अदालत में पेशकिया तथा न्यायिक रिमांड के उपरांत मऊ जेल भेज दिए गए है। इस मामले में अज्ञात में चार लोगों को नाम जुड़ा गया है।
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