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टीएस बंधा भी जर्जर, कहीं नहीं हुआ मरम्मत
ballia
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:01 PM IST
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कटान
- फोटो : अमर उजाला
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रेवती नगर पंचायत रेवती सहित क्षेत्र के कई गांवों को घाघरा की बाढ़ से बचाने वाला टीएस बंधा इन दिनों वीरान है। इसके दोनों किनारे झाड़- झंखाड़ से पटे पड़े हैं। बंधा का सर्वाधिक संवेदनशील स्थान जर्जर हो चुका है।
बरसात के आने का समय जैसे-जैसे करीब होता जा रहा है वैसे-वैसे बंधा के उत्तरी छोर पर बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। इस बार बाढ़ या सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी झांकने तक नहीं आया। घाघरा ने विकराल रुप अख्तियार किया तो बंधा टूटते देर नहीं लगेगी।
आमतौर पर गंगा दशहरा से घाघरा के पानी में बढ़ाव का क्रम शुरू हो जाता है। ग्रामीणों की माने तो करीब डेढ़ फुट तक बढ़ाव आ चुका है। नदी के खतरनाक निशाने पर टीएस बंधा का डेंजर जोन (69.300 कि मी से 70 कि मी तक) तथा इस जोन से सटे तिलापुर गांव है।
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डेंजर जोन को नदी ने अब तक दो बार तहस-नहस किया है। नदी का रुख उत्तर से दक्षिण बहते हुए प्रधानमंत्री सड़क से पूरब के आस-पास टकराने की राह बना लिया है। तटवर्ती लोग इस बात से और भी अधिक भयभीत हैं कि पहले बंधा के साइड से होकर बहने वाली नदी अब सीधे टकराने की स्थित में है।
घाघरा के कटानी विभीषिका में सब कुछ खो चुके लमुही के प्रधान राम बचन यादव ने कहा कि बंधा बिल्कुल जर्जर हो चला है। पिछले वर्ष नाम मात्र का काम हुआ जब कि इस साल कोई भी विभागीय अधिकारी अब तक झांकने नहीं आया।
उधर तिलापुर जमधरवा के प्रधान धनजी यादव ने बताया कि बंधा के दोनों किनारे नरकट, मूज, डिस्को, कटया आदि झाड़-झंखाड़ से भर गए हैं। जिनमें साहिल, सियार, चूहे आदि ने मांद बना कर बंधा को जर्जर कर रखा है। तिलापुर वासी भोला यादव ने कहा कि पिछले वर्ष बंधा पर जगह-जगह बरसात के कारण रेन कट (गड्ढा ) बन गए थे। इन गड्ढों की अब तक मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।
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बरसात के आने का समय जैसे-जैसे करीब होता जा रहा है वैसे-वैसे बंधा के उत्तरी छोर पर बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। इस बार बाढ़ या सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी झांकने तक नहीं आया। घाघरा ने विकराल रुप अख्तियार किया तो बंधा टूटते देर नहीं लगेगी।
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आमतौर पर गंगा दशहरा से घाघरा के पानी में बढ़ाव का क्रम शुरू हो जाता है। ग्रामीणों की माने तो करीब डेढ़ फुट तक बढ़ाव आ चुका है। नदी के खतरनाक निशाने पर टीएस बंधा का डेंजर जोन (69.300 कि मी से 70 कि मी तक) तथा इस जोन से सटे तिलापुर गांव है।
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डेंजर जोन को नदी ने अब तक दो बार तहस-नहस किया है। नदी का रुख उत्तर से दक्षिण बहते हुए प्रधानमंत्री सड़क से पूरब के आस-पास टकराने की राह बना लिया है। तटवर्ती लोग इस बात से और भी अधिक भयभीत हैं कि पहले बंधा के साइड से होकर बहने वाली नदी अब सीधे टकराने की स्थित में है।
घाघरा के कटानी विभीषिका में सब कुछ खो चुके लमुही के प्रधान राम बचन यादव ने कहा कि बंधा बिल्कुल जर्जर हो चला है। पिछले वर्ष नाम मात्र का काम हुआ जब कि इस साल कोई भी विभागीय अधिकारी अब तक झांकने नहीं आया।
उधर तिलापुर जमधरवा के प्रधान धनजी यादव ने बताया कि बंधा के दोनों किनारे नरकट, मूज, डिस्को, कटया आदि झाड़-झंखाड़ से भर गए हैं। जिनमें साहिल, सियार, चूहे आदि ने मांद बना कर बंधा को जर्जर कर रखा है। तिलापुर वासी भोला यादव ने कहा कि पिछले वर्ष बंधा पर जगह-जगह बरसात के कारण रेन कट (गड्ढा ) बन गए थे। इन गड्ढों की अब तक मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।