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Ballia News: सोनाडीह मेले में पारंपरिक लोकनृत्य और गीत की धूम
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बेल्थरारोड। वासंतिक नवरात्र के समापन के बाद चैत्र रामनवमी से सोनाडीह स्थित भागेश्वरी परमेश्वरी मंदिर परिसर के 52 बीघा भूभाग में शुरू होने वाला पूर्वांचल का ऐतिहासिक सोनाडीह की मेले की रौनक बढ़ गई है। मेले में आसपास के जिलों के अलावा दूरदराज के लोगों के पहुंचने से मेला क्षेत्र गुलजार हो गया है।
मेला पहुंचने वाले संपर्क मार्गों पर चहल-पहल बढ़ गई है। मेले में विभिन्न वस्तुओं की सैकड़ों दुकानें सजाई गई हैं। मेलार्थियों की भीड़ से दुकानदारों की चांदी कट रही है। मनोरंजन के लिए चरखी, झूला, जादू शो, मौत का कुआं, सर्कस आदि मेलार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पारंपरिक लोकगीत और नृत्य की धूम है।
पत्थर की नक्काशी, काष्ठ व लोहे से निर्मित वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुट रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के अलावा बिहार आदि स्थानों से आई दुकानों पर लोगों का तांता लगा हुआ है। सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ है।
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मान्यता है कि सच्चे मन से देवी की आराधना से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा मन्नतें पूरी होने के बाद देवी को प्रसाद के रूप में पूड़ी हलवा आदि का भोग लगाया जाता है। बच्चों का मुंडन संस्कार होता है तथा पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु महिलाएं गोद में बच्चे को लेकर अपने आंचल पर नृत्य करा कर पुण्य लाभ अर्जित करती हैं।
मेला प्रबंधन की ओर से मेलार्थियों की सुविधा के लिए इंतजाम किए गए हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित कर रज्जन द्विवेदी को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उभांव इंस्पेक्टर राजीव कुमार मिश्र ने बताया कि मेलार्थियों की सुरक्षा के लिए तीन सेक्शन पीएसी, दो इंस्पेक्टर, 10 सब इंस्पेक्टर, 30 पुरुष व 10 महिला आरक्षियों की तैनाती की गई है। मेले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान मुस्तैद हैं।
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मेला पहुंचने वाले संपर्क मार्गों पर चहल-पहल बढ़ गई है। मेले में विभिन्न वस्तुओं की सैकड़ों दुकानें सजाई गई हैं। मेलार्थियों की भीड़ से दुकानदारों की चांदी कट रही है। मनोरंजन के लिए चरखी, झूला, जादू शो, मौत का कुआं, सर्कस आदि मेलार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पारंपरिक लोकगीत और नृत्य की धूम है।
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पत्थर की नक्काशी, काष्ठ व लोहे से निर्मित वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुट रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के अलावा बिहार आदि स्थानों से आई दुकानों पर लोगों का तांता लगा हुआ है। सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ है।
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मान्यता है कि सच्चे मन से देवी की आराधना से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा मन्नतें पूरी होने के बाद देवी को प्रसाद के रूप में पूड़ी हलवा आदि का भोग लगाया जाता है। बच्चों का मुंडन संस्कार होता है तथा पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु महिलाएं गोद में बच्चे को लेकर अपने आंचल पर नृत्य करा कर पुण्य लाभ अर्जित करती हैं।
मेला प्रबंधन की ओर से मेलार्थियों की सुविधा के लिए इंतजाम किए गए हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित कर रज्जन द्विवेदी को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उभांव इंस्पेक्टर राजीव कुमार मिश्र ने बताया कि मेलार्थियों की सुरक्षा के लिए तीन सेक्शन पीएसी, दो इंस्पेक्टर, 10 सब इंस्पेक्टर, 30 पुरुष व 10 महिला आरक्षियों की तैनाती की गई है। मेले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान मुस्तैद हैं।