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Ballia News: व्यापारियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद करने की मांग की
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बलिया। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों की बैठक रविवार को नगर के अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित हुई। व्यापारियों ने दस सूत्री मांगों पर विमर्श किया।
व्यापारियों ने मांग की कि ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद की जाए या 10 प्रतिशत विकास कर लगाया जाए। जीएसटी की दो दर पांच और 18 प्रतिशत रखी जाए। आयकर छूट सीमा बढ़ाकर दस लाख किया जाए। जीएसटी एवं इनकम टैक्ट रजिस्टर्ड व्यापारियों को और उनके परिवार का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। ऐसे व्यापारियों को लोकसभा, राज्यसभा विधानसभा, विधान परिषद एवं नगर निगमों में पांच प्रतिशत सीटों पर आरक्षण दिया जाए।
सभी रजिस्टर्ड व्यापारियों को बिना अंशदान लिए प्रतिमाह तीस हजार रुपया पेंशन दी जाए। सरकारी बैंक छह प्रतिशत ब्याज देते हैं, लेकिन सरकारी सभी विभाग आयकर, जीएसटी, बिजली विलंब होने पर 18 प्रतिशत ब्याज लेते है। अत: उसे समान रूप से छह प्रतिशत किया जाए। जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सीमा 40 लाख से बढ़ाकर 75 लाख की जाए। जीएसटी व आयकर में जेल भेजने के प्रावधान को पूर्णतया हटाया जाए। इस मौके पर प्रदीप रस्तोगी, अभिषेक, मुकेश गुप्ता, रंजीत गुप्ता, राधा रमण प्रसाद, सर्वदमन जायसवाल, रविंद्र यादव, विक्रांत सिंह, विमल कुमार, अमित कुमार दिलशाद आदि रहे।
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व्यापारियों ने मांग की कि ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद की जाए या 10 प्रतिशत विकास कर लगाया जाए। जीएसटी की दो दर पांच और 18 प्रतिशत रखी जाए। आयकर छूट सीमा बढ़ाकर दस लाख किया जाए। जीएसटी एवं इनकम टैक्ट रजिस्टर्ड व्यापारियों को और उनके परिवार का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। ऐसे व्यापारियों को लोकसभा, राज्यसभा विधानसभा, विधान परिषद एवं नगर निगमों में पांच प्रतिशत सीटों पर आरक्षण दिया जाए।
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सभी रजिस्टर्ड व्यापारियों को बिना अंशदान लिए प्रतिमाह तीस हजार रुपया पेंशन दी जाए। सरकारी बैंक छह प्रतिशत ब्याज देते हैं, लेकिन सरकारी सभी विभाग आयकर, जीएसटी, बिजली विलंब होने पर 18 प्रतिशत ब्याज लेते है। अत: उसे समान रूप से छह प्रतिशत किया जाए। जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सीमा 40 लाख से बढ़ाकर 75 लाख की जाए। जीएसटी व आयकर में जेल भेजने के प्रावधान को पूर्णतया हटाया जाए। इस मौके पर प्रदीप रस्तोगी, अभिषेक, मुकेश गुप्ता, रंजीत गुप्ता, राधा रमण प्रसाद, सर्वदमन जायसवाल, रविंद्र यादव, विक्रांत सिंह, विमल कुमार, अमित कुमार दिलशाद आदि रहे।
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