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शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Tue, 16 Dec 2014 11:27 PM IST
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उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के निर्देश पर जिला इकाई ने लंबित मांगों के समर्थन में मशाल जुलूस निकाला। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां पर शिक्षकों ने सभा की। नगर भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने शासन-प्रशान के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।
रेलवे परिसर में सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा कि 16 जनवरी से 30 जनवरी के बीच संगठन के सभी सदस्य एक-एक पत्र मांगों के संदर्भ में मुख्यमंत्री को लिखेंगे। जनपदीय संगठन की ओर से पत्रक जिलाधिकारी के माध्यम से फरवरी के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
इसके बाद फरवरी के मध्य सप्ताह में प्रदेश भर के शिक्षक मशाल जुलूस निकालेंगे। यदि फिर भी सरकार शिक्षकों के मांगों को नहीं मानती है तो शिक्षक लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना करेंगे।
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मशाल जुलूस निकालने से पूर्व संगठन के सदस्यों ने सुशील पांडेय कान्हजी के नेतृत्व में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री तथा बेसिक शिक्षा मंत्री को संबोधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया।
जनपदीय समस्याओं के निस्तारण के लिए भी अलग से दो ज्ञापन दिया गया। चेतावनी दी कि सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रति सौतेला व्यवहार यदि बंद नहीं किया गया, तो इसका दुष्परिणाम जिले की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
प्रोन्नत वेतन मान लागू हो।
माह नवंबर का वेतन तत्काल परित की जाए।
जीपीएफ के निस्तारण के लिए समायावधि निर्धारित हो।
सभी कार्यों के निस्तारण के लिए समय सीमा निश्चित हो।
वर्ष 2014-15 बोनस वितरण में पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
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रेलवे परिसर में सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा कि 16 जनवरी से 30 जनवरी के बीच संगठन के सभी सदस्य एक-एक पत्र मांगों के संदर्भ में मुख्यमंत्री को लिखेंगे। जनपदीय संगठन की ओर से पत्रक जिलाधिकारी के माध्यम से फरवरी के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
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इसके बाद फरवरी के मध्य सप्ताह में प्रदेश भर के शिक्षक मशाल जुलूस निकालेंगे। यदि फिर भी सरकार शिक्षकों के मांगों को नहीं मानती है तो शिक्षक लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना करेंगे।
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मशाल जुलूस निकालने से पूर्व संगठन के सदस्यों ने सुशील पांडेय कान्हजी के नेतृत्व में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री तथा बेसिक शिक्षा मंत्री को संबोधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया।
जनपदीय समस्याओं के निस्तारण के लिए भी अलग से दो ज्ञापन दिया गया। चेतावनी दी कि सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रति सौतेला व्यवहार यदि बंद नहीं किया गया, तो इसका दुष्परिणाम जिले की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
प्रोन्नत वेतन मान लागू हो।
माह नवंबर का वेतन तत्काल परित की जाए।
जीपीएफ के निस्तारण के लिए समायावधि निर्धारित हो।
सभी कार्यों के निस्तारण के लिए समय सीमा निश्चित हो।
वर्ष 2014-15 बोनस वितरण में पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।