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सूदखोरों के तगादे से तंग आकर व्यापारी ने फंदा लगा दी जान
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सुखपुरा। कस्बे के युवा व्यवसायी ने सूदखोरों के दबाव से तंग आकर सोमवार की सुबह अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि व्यापारी सूदखोरों के तगादे के काफी दबाव में था।
रवि कुमार गुप्ता (25) पुत्र शिवजी गुप्ता की स्थानीय चट्टी पर बिस्किट, टॉफी और चिप्स आदि की होलसेल की दुकान है। दुकान को वह और उसके बड़े भाई राजेश मिलकर चलाते हैं। आसपास के क्षेत्र में ये होलसेल की काफी बड़ी दुकान बताई जाती है। आसपास के दुकानदारों के अनुसार दुकान की पूंजी बढ़ाने और उसे व्यवस्थित करने के लिए रवि ने कस्बे के कुछ सूदखोरों से सूद पर लगभग 30 से 35 लाख रुपये लिए थे। पिछले डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण के चलते व्यापार काफी कमजोर पड़ गया था। इसी में सूदखोरों ने रुपये के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। रुपये के लिए वे गाली-गलौज पर भी उतर आते थे। इससे रवि कुमार पिछले कुछ दिनों से काफी दबाव में था।
सोमवार की सुबह घर के सभी सदस्य बाहर गए थे और बच्चे स्कूल चले गए। घर में सिर्फ उसकी मां रह गई। छत पर बने एक कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर रवि पंखे से झूल गया। उसकी मां ने नाश्ता देने के लिए भांजे को उसे बुलाने के लिए भेजा। भांजा ने उसे पंखे में लटके देख शोर मचाया। तब तक पड़ोस के लोग पहुंच गए। दुपट्टा काटकर उसे नीचे उतारा गया। निजी चिकित्सक के यहां इलाज के लिए ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना तुरंत कस्बे में फैल गई। आवास पर काफी भीड़ लग गई।
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परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की मां आशा देवी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने शव को अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष सुखपुरा विवेक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि घटना की जानकारी मिली है। व्यवसायी ने किन परिस्थितियों में फांसी लगाई, इसकी जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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रवि कुमार गुप्ता (25) पुत्र शिवजी गुप्ता की स्थानीय चट्टी पर बिस्किट, टॉफी और चिप्स आदि की होलसेल की दुकान है। दुकान को वह और उसके बड़े भाई राजेश मिलकर चलाते हैं। आसपास के क्षेत्र में ये होलसेल की काफी बड़ी दुकान बताई जाती है। आसपास के दुकानदारों के अनुसार दुकान की पूंजी बढ़ाने और उसे व्यवस्थित करने के लिए रवि ने कस्बे के कुछ सूदखोरों से सूद पर लगभग 30 से 35 लाख रुपये लिए थे। पिछले डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण के चलते व्यापार काफी कमजोर पड़ गया था। इसी में सूदखोरों ने रुपये के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। रुपये के लिए वे गाली-गलौज पर भी उतर आते थे। इससे रवि कुमार पिछले कुछ दिनों से काफी दबाव में था।
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सोमवार की सुबह घर के सभी सदस्य बाहर गए थे और बच्चे स्कूल चले गए। घर में सिर्फ उसकी मां रह गई। छत पर बने एक कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर रवि पंखे से झूल गया। उसकी मां ने नाश्ता देने के लिए भांजे को उसे बुलाने के लिए भेजा। भांजा ने उसे पंखे में लटके देख शोर मचाया। तब तक पड़ोस के लोग पहुंच गए। दुपट्टा काटकर उसे नीचे उतारा गया। निजी चिकित्सक के यहां इलाज के लिए ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना तुरंत कस्बे में फैल गई। आवास पर काफी भीड़ लग गई।
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परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की मां आशा देवी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने शव को अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष सुखपुरा विवेक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि घटना की जानकारी मिली है। व्यवसायी ने किन परिस्थितियों में फांसी लगाई, इसकी जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।