तिरंगे में लिपटा लाल निकला अंतिम यात्रा पर
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वाराणसी से चले सेना के जवान सुबह करीब 10:30 बजे शहीद जवान राजेश यादव का शव लेकर उसके पैतृक गांव दुबहर पहुंचे। मंगलवार को सेना के जवानों ने सुबह तिरंगे में लिपटे शहीद की शवयात्रा निकाली तो हजारों लोगों ने राजेश यादव अमर रहे के नारे लगाकर अपने लाल को अंतिम विदाई दी। इस दौरान लोगों के आंखों से आंसू और चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था।
अंतिम संस्कार दुबहर के भड़सर घाट पर किया गया। मुखाग्नि राजेश के बड़े भाई श्रीभगवान ने दी। जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सैन्य प्रतिष्ठान पर हुए आतंकी हमले में शहीद जवान राजेश कुमार यादव का शव मंगलवार की सुबह उसके गांव दुबहर पहुंचा। जवान के शव की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। बच्चे, महिलाएं और बड़े बुजुर्गों की जुबान पर शहीद जवान राजेश यादव का नाम था।
शव वाहन के पीछे-पीछे गाड़ियों का रेला लग गया था। सामाजिक तथा राजनीतिक संगठन के लोग भी पहुंचे। अंतिम संस्कार में काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। दुबहर के भड़सर गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ गार्ड आफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर गोरखा रेजिमेंट के जवान के साथ 90 और 93 बटालियन एनसीसी के सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।