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अनुकूल है समय, शुरु कर सकते हैं पपीता की खेती

Sat, 05 Mar 2022 11:07 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 11:07 PM IST
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Time is favorable, can start papaya cultivation
बलिया। अगर आप किसान हैं और पपीते की खेती करना चाहते हैं। तो देर न कीजिए। मार्च, पपीता के पौधों को लगाने के लिए अनुकूल है। इस समय लगे पौधे बरसात के मध्य से ही अच्छे फल देने लगते हैं। इस खेती से किसान ढाई लाख प्रति हेक्टेयर की लागत पर नौ लाख रुपये तक आमदनी कर सकते हैं। पपीता की खेती के प्रति किसानों का आकर्षण बढ़ रहा है।
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पिछले साल जिले में करीब पांच किसानों ने दो हेक्टेयर में पपीता के पौधे लगाए थे। हालांकि, तब पर्याप्त पौधे उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण कई किसान, पपीता की खेती से पिछड़ गए। पपीता के प्रति किसानों की रुचि देखते हुए विभाग भी पहल कर रहा है। इसके अलावा, कई प्रगतिशील किसानों ने भी उन्नतशील प्रजाति के पौधे तैयार किए हैं। उद्यान विभाग की नर्सरी में अनुदान पर 20 से 25 रुपये में पौधे दिए जा रहे हैं। प्राइवेट नर्सरी में पपीता का पौधा 30 रुपये में मिल रहा है।
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पपीते की खेती पर मिलता है अनुदान
पपीता की खेती पर उद्यान विभाग की ओर से अनुदान दिया जाता है। जिला सहायक उद्यान अधिकारी अरुण यादव ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 22,500 रुपये अनुदान के तौर पर दिए जाते हैं। मार्च का महीना पपीता का पौध लगाने के लिए उपयुक्त है।
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ऐसे करें लाभ का आंकलन
सहायक उद्यान निरीक्षण अरुण यादव ने बताया कि एक हेक्टेयर में तीन हजार पपीते के पौधे लगाए जाते हैं। पूरे साल मिलाकर प्रति पौधा औसत खर्च सौ रुपये आते हैं। एक हेक्टेयर पपीता की खेती में तीन लाख रुपये खर्च होंगे। एक पौधा 25 से 50 किलो फल देता है। बाजार भाव 15 रुपये प्रति किलो के हिसाब से आंकलन करें तो 11.25 लाख रुपये कुल आय होगी। इस पर तीन लाख रुपये खर्च होगा। ये आंकड़े संसाधनों की उपलब्धता और मौसम के लिहाज से घट बढ़ सकते हैं।

स्थानीय वातावरण के अनुकूल हैं ये प्रजातियां
यूं तो पपीता की प्रजातियों की संख्या 20 से अधिक हैं, लेकिन स्थानीय वातावरण के लिहाज से दो प्रजातियां उपयुक्त मानी जा रही हैं। सहायक उद्यान निरीक्षक अरुण यादव ने बताया कि रेड लेडी ताइवान, पूसा नन्हा व पूसा डवार्फ की पैदावार यहां अच्छी हो रही है। इनसे प्रति पौधा 25 से 50 किलो फल प्राप्त हो रहा है।
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