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Ballia News: अब तक पांच फीसद भी नहीं हुई गेहूं की खरीदारी

Mon, 12 Jun 2023 10:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jun 2023 10:47 PM IST
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Till now even five percent of wheat procurement has not been done
बलिया। क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने पहुंच नहीं रहे हैं। जिले में लक्ष्य पूरा करना दुश्वार है। सरकार ने घर-घर जाकर गेहूं खरीदने का प्रावधान किया था, लेकिन यह योजना भी सफल नहीं हो सकी हैं। बाजारों में समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिलने के कारण किसान क्रय केंद्रों का रुख नहीं कर रहे हैं। अब तक 914 किसानों से कुल 4021 मी. टन की खरीद हुई है। जबकि खरीद का लक्ष्य 95 हजार मी. टन निर्धारित है और मात्र तीन दिन और खरीद होनी है। अब तक पांच फीसद भी गेहूं की खरीदारी नहीं हुई है।
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जिले में एक अप्रैल से 63 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू है जो 15 जून तक चलेगी। इसमें सबसे अधिक विपणन विभाग के 17 क्रय केंद्र हैं। शासन की ओर से इस वर्ष जिले के लिए 95 हजार मी. टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन क्रय केंद्रों पर वही किसान गेहूं बेच सकेंगे जो पंजीकृत हैं। इस वर्ष गेहूं के समर्थन मूल्य में पिछले वर्ष के सापेक्ष 110 रुपये बढ़ोतरी करते हुए 2125 रुपये प्रति क्विंटल की गई।
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इसके बाद कुल 6409 किसानों ने क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया। इसके बावजूद किसानों का रुझान सरकारी केंद्रों की ओर काफी कम रहा। बताया जाता है कि गेहूं का बाजार भाव इस वर्ष भी समर्थन मूल्य से अधिक है। इसके अलावा क्रय केंद्रों पर किसानों को गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण, सत्यापन, फिर केंद्र् पर नंबर लगाने की मशक्कत करनी होती है।
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यह देख किसान गेहूं को खेतों में आढ़तियों के हाथों या बाजारों में बेच दे रहे हैं। आलम यह है कि ढाई माह बीत जाने के बावजूद अबतक महज 914 किसानों से कुल 4021 मी.टन गेहूं की खरीद हुई है। लक्ष्य पूरा करने के लिए शासन की ओर से किसानों के घर जाकर गेहूं खरीद करने का निर्देश दिया गया, लेकिन यह योजना भी जिले में फ्लॉप रही। क्योंकि किसान गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर देने को तैयार नहीं हैं।

क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसान नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों को क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए प्रेरित भी किया गया, लेकिन अधिकांश किसान गेहूं बेचने को तैयार नहीं हो रहे। बाजार भाव समर्थन मूल्य से अधिक होने के चलते खरीद पर प्रभाव पड़ रहा है। - अविनाश चंद्र सागरवाल, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, बलिया
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