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चार किमी के शहर में तीन हजार ई-रिक्शा, यातायात व्यवस्था ध्वस्त
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बलिया। करीब चार किलोमीटर के दायरे में फैले मुख्य शहर में सड़कों पर हर दिन करीब 3000 ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। यह ई-रिक्शा शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर हर दिन भीषण जाम का कारण बन रहे हैं। शहर की संकरी सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या अधिक होने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। पुलिस भी इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रही है।
शहर के कदम चौराहा से लेकर चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन से टीडी कालेज चौराहा, बहादुरपुर, माल्देपुर, मिड्ढी,शहीद पार्क चौक, नया चौक, भृगुआश्रम, एनसीसी तिराहा, गड़वार रोड, रोडवेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, गुदरी बाजार, बनकटा, लोहापट्टी, जापलिनगंज तक रोजाना सवारियों को लेकर ई- रिक्शा दौड़ लगा रहे हैं। सुबह से शाम तक रोडवेज बस स्टैंड से स्टेशन, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन व चौक के आसपास मनमाने तरीके से ई-रिक्शा दौड़ाए जा रहे हैं। चित्तू पांडेय चौराहे से रेलवे स्टेशन व हाईवे पर कदम चौराहा तक दौड़ लगा रहे ई-रिक्शा कतार जाम की समस्या का प्रमुख कारण हैं। कई बार ई-रिक्शे की वजह से लगे जाम से लोगों को पैदल निकलना भी दुश्वार हो जाता है। दो वर्ष पहले यातायात पुलिस ने शहर में जाम की समस्या को दूर करने के लिए शहर को चार रूट में बांटने की तैयारी की थी। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए उन्हें अलग-अलग रूट पर दौड़ाने का प्लान तैयार किया गया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है। इसके बावजूद पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस ने ई रिक्शा के लिए एक बार फिर रुट निर्धारण किया है। लेकिन ना तो जाम से मुक्ति मिल रही है और ना ही तय रुटों पर ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। शहर में दिन- प्रतिदिन ई-रिक्शा की संख्या बढ़ती जा रही है।
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एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं 3000 ई-रिक्शा नगर क्षेत्र की सड़कों पर सवारियों को बैठाकर दौड़ लगाने वाले 3000 ई-रिक्शा संचालकों ने एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण कराया है। जबकि लगभग डेढ़ हजार ई-रिक्शा बगैर पंजीकरण के दौड़ रहे हैं। वर्ष भर में पंजीकृत ई-रिक्शा 1800 रुपये टैक्स जमा करते हैं। कई ई-रिक्शा कमाई के फेर में एक पंजीकृत नंबर के तीन वाहन भी चोरी से दौड़ा रहे हैं।
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एआटीओ कार्यालय में करीब 3000 ई-रिक्शे पंजीकृत हैं। नगर पालिका शहर में रूट का निर्धारण कर दे। इसके बाद परमिट तय कर मनमानी रोकी जा सकती है।
-राजभूषण चौधरी, आरआई, परिवहन विभाग।
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ई-रिक्शा का रूट निर्धारित करने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी भागदौड़ से जाम की समस्या शहर की सड़कों पर बनी है।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ, नगर पालिका, बलिया।
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कुछ सुझावों पर अमल करते हुए ई-रिक्शा वालों के लिए रुट निर्धारित किया गया है। इस बार रुट निर्धारण का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कारवाई की जाएगी।
-विश्वदीप सिंह, यातायात प्रभारी, बलिया।
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शहर के कदम चौराहा से लेकर चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन से टीडी कालेज चौराहा, बहादुरपुर, माल्देपुर, मिड्ढी,शहीद पार्क चौक, नया चौक, भृगुआश्रम, एनसीसी तिराहा, गड़वार रोड, रोडवेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, गुदरी बाजार, बनकटा, लोहापट्टी, जापलिनगंज तक रोजाना सवारियों को लेकर ई- रिक्शा दौड़ लगा रहे हैं। सुबह से शाम तक रोडवेज बस स्टैंड से स्टेशन, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन व चौक के आसपास मनमाने तरीके से ई-रिक्शा दौड़ाए जा रहे हैं। चित्तू पांडेय चौराहे से रेलवे स्टेशन व हाईवे पर कदम चौराहा तक दौड़ लगा रहे ई-रिक्शा कतार जाम की समस्या का प्रमुख कारण हैं। कई बार ई-रिक्शे की वजह से लगे जाम से लोगों को पैदल निकलना भी दुश्वार हो जाता है। दो वर्ष पहले यातायात पुलिस ने शहर में जाम की समस्या को दूर करने के लिए शहर को चार रूट में बांटने की तैयारी की थी। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए उन्हें अलग-अलग रूट पर दौड़ाने का प्लान तैयार किया गया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है। इसके बावजूद पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस ने ई रिक्शा के लिए एक बार फिर रुट निर्धारण किया है। लेकिन ना तो जाम से मुक्ति मिल रही है और ना ही तय रुटों पर ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। शहर में दिन- प्रतिदिन ई-रिक्शा की संख्या बढ़ती जा रही है।
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एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं 3000 ई-रिक्शा नगर क्षेत्र की सड़कों पर सवारियों को बैठाकर दौड़ लगाने वाले 3000 ई-रिक्शा संचालकों ने एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण कराया है। जबकि लगभग डेढ़ हजार ई-रिक्शा बगैर पंजीकरण के दौड़ रहे हैं। वर्ष भर में पंजीकृत ई-रिक्शा 1800 रुपये टैक्स जमा करते हैं। कई ई-रिक्शा कमाई के फेर में एक पंजीकृत नंबर के तीन वाहन भी चोरी से दौड़ा रहे हैं।
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एआटीओ कार्यालय में करीब 3000 ई-रिक्शे पंजीकृत हैं। नगर पालिका शहर में रूट का निर्धारण कर दे। इसके बाद परमिट तय कर मनमानी रोकी जा सकती है।
-राजभूषण चौधरी, आरआई, परिवहन विभाग।
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ई-रिक्शा का रूट निर्धारित करने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी भागदौड़ से जाम की समस्या शहर की सड़कों पर बनी है।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ, नगर पालिका, बलिया।
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कुछ सुझावों पर अमल करते हुए ई-रिक्शा वालों के लिए रुट निर्धारित किया गया है। इस बार रुट निर्धारण का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कारवाई की जाएगी।
-विश्वदीप सिंह, यातायात प्रभारी, बलिया।
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