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Ballia News: तीन पक्के मकान गिरे
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बैरिया। सरयू नदी की लहरें कभी धीमी तो कभी तेज गति से लोगों के आशियाने लील रही हैं। शुक्रवार की भोर में तीन और लोगों का पक्का मकान सरयू नदी में समा गया।
बृहस्पतिवार को कटान की गति काफी कम थी। लेकिन शुक्रवार की भोर में फिर तेजी आई। लोग जब तक कुछ कर पाते रेनू देवी पत्नी लक्ष्मण यादव का मकान नदी में समा गया। कुछ ही पलों में अमरजीत यादव व रणजीत यादव का मकान भी नदी में विलीन हो गया। धुपनाथ के डेरा, गोपालनगर, शिवाल मठिया, चाई छपरा, अधिसीझुवा के अलावा फतेयराय का टोला व बकुलहा में भी लोग कटान से सहमे हुए हैं।
दीयरांचल के ग्रामीणों में चर्चा है कि बाढ़ विभाग ने छोटा प्रोजेक्ट ही सही नौ करोड़ से एक किमी की दूरी में कार्य करने के लिए प्रोजेक्ट बनाया था, लेकिन शासन स्तर से प्रोजेक्ट को अस्वीकृत कर दिया गया। अब बाढ़ विभाग की ओर से कहा जा रहा है कि गूगल से सर्वे किया गया है। छह किमी की दूरी में बड़ा प्रोजेक्ट लाकर कटानरोधी कार्य करना पड़ेगा। आलम यह है कि सरयू नदी का कटान धीरे-धीरे गोपालनगर स्थित निजी टाॅवर और 300 परिवार की बस्ती की ओर बढ़ रहा है। उक्त गांव निवासी मुखराम यादव, गणेश यादव आदि ने अपना आशियाना खुद तोड़ना शुरू कर दिया है।
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बृहस्पतिवार को कटान की गति काफी कम थी। लेकिन शुक्रवार की भोर में फिर तेजी आई। लोग जब तक कुछ कर पाते रेनू देवी पत्नी लक्ष्मण यादव का मकान नदी में समा गया। कुछ ही पलों में अमरजीत यादव व रणजीत यादव का मकान भी नदी में विलीन हो गया। धुपनाथ के डेरा, गोपालनगर, शिवाल मठिया, चाई छपरा, अधिसीझुवा के अलावा फतेयराय का टोला व बकुलहा में भी लोग कटान से सहमे हुए हैं।
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दीयरांचल के ग्रामीणों में चर्चा है कि बाढ़ विभाग ने छोटा प्रोजेक्ट ही सही नौ करोड़ से एक किमी की दूरी में कार्य करने के लिए प्रोजेक्ट बनाया था, लेकिन शासन स्तर से प्रोजेक्ट को अस्वीकृत कर दिया गया। अब बाढ़ विभाग की ओर से कहा जा रहा है कि गूगल से सर्वे किया गया है। छह किमी की दूरी में बड़ा प्रोजेक्ट लाकर कटानरोधी कार्य करना पड़ेगा। आलम यह है कि सरयू नदी का कटान धीरे-धीरे गोपालनगर स्थित निजी टाॅवर और 300 परिवार की बस्ती की ओर बढ़ रहा है। उक्त गांव निवासी मुखराम यादव, गणेश यादव आदि ने अपना आशियाना खुद तोड़ना शुरू कर दिया है।
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