फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   The wheels of salary payments are turning in the villages

Ballia News: गांवों में दाैड़ रहा वेतन का पहिया, फिर भी सफाई का मीटर जाम

Wed, 23 Sep 2026 01:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
The wheels of salary payments are turning in the villages
खेजुरी गांव में ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहता नाली का गंदा पानी।संवाद
पंदह/गड़वार। विकास खंड की 45 ग्राम पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए 126 सफाईकर्मियों की तैनाती है। इन कर्मचारियों के वेतन पर हर माह करीब 58 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद गांवों में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। अधिकांश पंचायतों में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, बजबजाती नालियां और दुर्गंध व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई सफाईकर्मी कागजों में हाजिरी पूरी कर जिम्मेदारी से इतिश्री कर लेते हैं। कुछ कर्मियों के तो महीनों तक गांव में नहीं पहुंचने की शिकायत है। वहीं, कुछ सफाईकर्मियों के गैर जनपद और दूसरे प्रदेशों में रहकर वेतन लेने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद उनकी नियमित उपस्थिति दर्ज होने का आरोप लगाया जा रहा है।
विज्ञापन

पटना में रहने वाली सफाईकर्मी पर ऑनलाइन हाजिरी का आरोप पहराजपुर गांव का मामला सफाई व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गांव निवासी सुग्रीव यादव ने मुख्य विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को पत्र देकर गांव में तैनात एक महिला सफाईकर्मी के पटना में रहने और ऑनलाइन हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित कर्मी की नियमित अनुपस्थिति के बावजूद हर माह वेतन का भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऑनलाइन हाजिरी और मौके पर कार्य की प्रभावी निगरानी नहीं होने से व्यवस्था का दुरुपयोग हो रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान स्तर पर पे-रोल पर हस्ताक्षर की व्यवस्था का लाभ उठाकर कुछ सफाईकर्मी नियमित सफाई करने के बजाय प्रधान के दरवाजे पर हाजिरी लगाकर लौट जाते हैं।
विज्ञापन

कहीं जरूरत से ज्यादा, कहीं कम सफाईकर्मी
सफाईकर्मियों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी और क्षेत्रफल के मानकों की अनदेखी कर कहीं जरूरत से अधिक तो कहीं काफी कम सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। इससे जिन पंचायतों में अधिक कर्मी हैं, वहां भी अपेक्षित सफाई नहीं हो रही, जबकि जरूरत वाले गांवों में व्यवस्था प्रभावित है। खेजुरी, पुर, पकड़ी, गौरी और चड़वां-बरवां समेत कई गांवों में जगह-जगह जमा कूड़ा और गंदगी से बजबजाती नालियां बदहाली की तस्वीर पेश कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सफाई के दावों के बीच ग्राम पंचायत पुर की यह तस्वीर बदहाली खुद बयां कर रही। नाली जाम होने से गंदा पानी सड़क पर बहने से आने जाने वाले लोगों को जहां दिक्कत हो रही है वहीं बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है।
गांव निवासी सुदामा गुप्ता मिल के पीछे महीनोज कचरे पड़ा है। उससे निकलने वाली सड़ांध और बदबू से रास्ते से गुजरना मुश्किल है। बावजूद निम्मेदारों की नजर इस गंदगी पर नहीं पड़ रही है।
गड़वार कस्बे में सफाई व्यवस्था लचर
गड़वार। गड़वार कस्बे में सफाई कर्मचारियों की लचरता और अधिकारियों की अनदेखी से ग्रामीण परेशान हैं। गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और नालियों में कीचड़ बजबजा रहा है। ग्रामीणों को गंदगी और बदबू के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। उनकी शिकायत के बाद भी सफाई नहीं कराई गई है। दस हजार से अधिक आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में इंटर कॉलेज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और थाना जैसे संस्थान हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की है।

पहराजपुर के सफाईकर्मी की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जल्द ही सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर अभियान चलाकर सफाई कराई जाएगी। मानक से अधिक तैनात सफाईकर्मियों को पंचायतों से हटाया जाएगा। - प्रदीप कुमार शर्मा, एडीओ पंचायत, पंदह
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed