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Ballia News: मानक के विपरीत काम होने पर ग्रामीणों ने रोका
Sun, 26 Feb 2023 11:49 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलिया
संवाद न्यूज एजेंसी, बलिया
Updated Sun, 26 Feb 2023 11:49 PM IST
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रामगढ़। करीब आठ करोड़ रुपए की लागत से सुघर छपरा में कराए जा रहे कटानरोधी कार्य को ग्रामीणों ने रविवार को रोक दिया। बाढ़ विभाग के गलियारों में खलबली मच गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ विभाग के अधिकारी मानक के अनुरूप कटानरोधी कार्य नहीं करा रहे हैं। ठेकेदार जैसे-तैसे परियोजना को पूरा करना चाह रहे हैंं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्टीमेट पर परियोजना पास हुई है जो ड्राइंग और नक्शा बनाया गया है। उसी के तहत काम होना चाहिए। सरकारी धन की बंदरबांट होने से अच्छा है कि काम ही न हो।
पिछले साल सुघर छपरा गांव को बचाने के लिए शासन स्तर से आठ करोड़ रुपए की लागत से 580 मीटर लंबा रिवेटमेंट का निर्माण होना था। इसका काम गतवर्ष काफी देर से शुरू हुआ। इसके कारण काम समय से पूरा नहीं हो पाया और गंगा का जलस्तर बढ़ गया। ठेकेदार काम को बीच मझधार में छोड़ कर भाग गए। ठेकेदार द्वारा तीन लेयर जो काम कराया गया था वह भी गंगा की लहरों में बह गया। अधूरी परियोजना को पूरा करने के लिए ठेकेदार दो दिन पहले सुघर छपरा में पहुंचे हैं। जैसे-तैसे काम को पूरा करने लगे।
इस बात की भनक ग्रामीणों को लग गई और ग्रामीणों ने रविवार को सुबह ठेकेदार द्वारा कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए काम को रोक दिया। मौके पर पहुंचे बाढ़ विभाग के एसडीओ मोहित गुप्ता ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया ,लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि पहले से जो स्टीमेट और ड्राइंग बना है उसी के अनुसार काम होना चाहिए। पहले जो काम क्षतिग्रस्त हुआ है उसको ठीक किया जाए। फिर काम को पूरा किया जाए। मौके पर न ही कोई साइट इंचार्ज रहते हैं न कोई जिम्मेदार अधिकारी। इसके कारण दुबे छपरा व सुघर छपरा के कटान अधिकारियों को ठेकेदार जमकर अनियमितता बरत रहे। बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि ठेकेदार को चेतावनी दी गई, जो स्टीमेट व ड्राइंग है उसी के अनुरूप कार्य कराया जाएगा। अगर इसमें कोई ठेकेदार लापरवाही बरतना है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले साल सुघर छपरा गांव को बचाने के लिए शासन स्तर से आठ करोड़ रुपए की लागत से 580 मीटर लंबा रिवेटमेंट का निर्माण होना था। इसका काम गतवर्ष काफी देर से शुरू हुआ। इसके कारण काम समय से पूरा नहीं हो पाया और गंगा का जलस्तर बढ़ गया। ठेकेदार काम को बीच मझधार में छोड़ कर भाग गए। ठेकेदार द्वारा तीन लेयर जो काम कराया गया था वह भी गंगा की लहरों में बह गया। अधूरी परियोजना को पूरा करने के लिए ठेकेदार दो दिन पहले सुघर छपरा में पहुंचे हैं। जैसे-तैसे काम को पूरा करने लगे।
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इस बात की भनक ग्रामीणों को लग गई और ग्रामीणों ने रविवार को सुबह ठेकेदार द्वारा कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए काम को रोक दिया। मौके पर पहुंचे बाढ़ विभाग के एसडीओ मोहित गुप्ता ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया ,लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि पहले से जो स्टीमेट और ड्राइंग बना है उसी के अनुसार काम होना चाहिए। पहले जो काम क्षतिग्रस्त हुआ है उसको ठीक किया जाए। फिर काम को पूरा किया जाए। मौके पर न ही कोई साइट इंचार्ज रहते हैं न कोई जिम्मेदार अधिकारी। इसके कारण दुबे छपरा व सुघर छपरा के कटान अधिकारियों को ठेकेदार जमकर अनियमितता बरत रहे। बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि ठेकेदार को चेतावनी दी गई, जो स्टीमेट व ड्राइंग है उसी के अनुरूप कार्य कराया जाएगा। अगर इसमें कोई ठेकेदार लापरवाही बरतना है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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