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प्रसूता की मौत पर घरवालों ने किया हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:08 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह में रविवार की देर रात प्रसूता की मौत के बाद उसके घरवालों ने जमकर हंगामा मचाया। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक और एएनएम की लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत हुई है। सूचना पर पहुंचे बांसडीह कोतवाल दीप कुमार सोनी ने घरवालों को समझाया लेकिन परिवार के लोगों ने उनकी एक न सुनी। जब सीएमओ डॉ. पीके सिंह ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार के लोग शांत हुए।
क्षेत्र के पांडेय के पोखरा निवासी साजन राजभर की पत्नी बबिता को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह में रविवार की रात भर्ती कराए। जहां तैनात एएनएम व उसकी सहयोगी ने प्रसव कराया। बच्चा होने के करीब आधे घंटे बाद महिला की हालत अचानक खराब होने लगी। जिसका इलाज डॉ. के तिवारी ने शुरू किया। लेकिन करीब एक घंटे बाद महिला की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान डाक्टर व कर्मचारियों से कहासुनी होने के बाद मारपीट में तब्दील हो गई। परिवार के लोगों का आरोप है कि चिकित्सक के लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है। अगर स्थिति ठीक नहीं थी तो चिकित्सक को रेफर कर देना चाहिए था। लेकिन पैसे की लालच में पड़ कर चिकित्सक ने महिला की जान ले ली। उधर सूचना मिलते ही कोतवाल मौके पर पहुंच गए। इस बाबत अधीक्षक डॉ. के तिवारी ने बताया कि महिला के शरीर में खून की कमी थी। उसे जिला अस्पताल रेफर कर रहा था। लेकिन परिवार के लोग नहीं माने फिर भी मैंने इलाज शुरू किया। बावजूद महिला नहीं बच सकी।
क्षेत्र के पांडेय के पोखरा निवासी साजन राजभर की पत्नी बबिता को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह में रविवार की रात भर्ती कराए। जहां तैनात एएनएम व उसकी सहयोगी ने प्रसव कराया। बच्चा होने के करीब आधे घंटे बाद महिला की हालत अचानक खराब होने लगी। जिसका इलाज डॉ. के तिवारी ने शुरू किया। लेकिन करीब एक घंटे बाद महिला की मौत हो गई।
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मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान डाक्टर व कर्मचारियों से कहासुनी होने के बाद मारपीट में तब्दील हो गई। परिवार के लोगों का आरोप है कि चिकित्सक के लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है। अगर स्थिति ठीक नहीं थी तो चिकित्सक को रेफर कर देना चाहिए था। लेकिन पैसे की लालच में पड़ कर चिकित्सक ने महिला की जान ले ली। उधर सूचना मिलते ही कोतवाल मौके पर पहुंच गए। इस बाबत अधीक्षक डॉ. के तिवारी ने बताया कि महिला के शरीर में खून की कमी थी। उसे जिला अस्पताल रेफर कर रहा था। लेकिन परिवार के लोग नहीं माने फिर भी मैंने इलाज शुरू किया। बावजूद महिला नहीं बच सकी।
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