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आरक्षण सूची को लेकर रही गहमागहमी
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:32 PM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण सूची के प्रकाशन के मद्देनजर सोमवार सुबह से विकास भवन परिसर में गहमागहमी की स्थिति रही। ऐन वक्त पर शासनादेश जारी हुआ कि सूची दो सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। इससे संभावित प्रत्याशियों और उनके चहेतों में हलचल तेज हो गई।
सभी लोग जुगाड़ लगाते रहे लेकिन डीपीआरओ की सख्ती के कारण कोई जुगाड़ काम नहीं आया। वहीं कुछ लोग अफवाह फैला दिए कि फला गांव सामान्य महिला तो फला गांव अनुसूचित हो गया है। वहीं कुछ लोग अपने आप को मंत्रियों का नजदीकी बताकर अपनी ओर भीड़ को खींचते नजर आए।
आरक्षण सूची देर से प्रकाशित होने की खबर सुनकर कुछ लोग खुशी मना रहे थे तो कुछ लोगों के माथे पर तनाव की लकीरें साफ नजर आ रही थीं। कुछ लोगों ने कहा कि देर से प्रकाशित सूची में हमारे मन लायक अब आरक्षण सूची बनेगी। वहीं साफ राजनीति करने वाले लोग इस बात को लेकर परेशान थे कि अब सूची में प्रभावशाली राजनीतिक लोगों के दबाव में आकर फेरबदल की जा सकती है।
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इससे राजनैतिक न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसी बीच छात्र हित संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिंटू खान ने विकास भवन पहुंच वहां की हलचल देख चुनाव आयोग को एक लेटर फैक्स किया। उन्होंने जिक्र किया है कि पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने में धांधली की गई और अब आरक्षण सूची में मंत्रियों के दबाव में खिलवाड़ किया जा रहा है।
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सभी लोग जुगाड़ लगाते रहे लेकिन डीपीआरओ की सख्ती के कारण कोई जुगाड़ काम नहीं आया। वहीं कुछ लोग अफवाह फैला दिए कि फला गांव सामान्य महिला तो फला गांव अनुसूचित हो गया है। वहीं कुछ लोग अपने आप को मंत्रियों का नजदीकी बताकर अपनी ओर भीड़ को खींचते नजर आए।
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आरक्षण सूची देर से प्रकाशित होने की खबर सुनकर कुछ लोग खुशी मना रहे थे तो कुछ लोगों के माथे पर तनाव की लकीरें साफ नजर आ रही थीं। कुछ लोगों ने कहा कि देर से प्रकाशित सूची में हमारे मन लायक अब आरक्षण सूची बनेगी। वहीं साफ राजनीति करने वाले लोग इस बात को लेकर परेशान थे कि अब सूची में प्रभावशाली राजनीतिक लोगों के दबाव में आकर फेरबदल की जा सकती है।
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इससे राजनैतिक न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसी बीच छात्र हित संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिंटू खान ने विकास भवन पहुंच वहां की हलचल देख चुनाव आयोग को एक लेटर फैक्स किया। उन्होंने जिक्र किया है कि पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने में धांधली की गई और अब आरक्षण सूची में मंत्रियों के दबाव में खिलवाड़ किया जा रहा है।