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किसी सत्ता के सामने नहीं झुकते बलिया के लोग : धर्मेंद्र
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बांसडीह में आयोजित पूर्व मंत्री स्व. रामगोविंद चौधरी के श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अतिथिगण।
समाजवादी पार्टी के नेता दिवंगत रामगोविंद चौधरी को बृहस्पतिवार को बांसडीह में आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य अतिथि सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद धर्मेंद्र यादव ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। रामगोविंद चौधरी के संघर्ष और राजनीतिक जीवन को याद किया।उन्होंने कहा कि बलिया के बारे में कहा जाता है कि यहां के लोग किसी सत्ता के सामने झुकते नहीं हैं। रामगोविंद चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन में इस परंपरा को मजबूती से आगे बढ़ाया।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी के भीतर बलिया की मिट्टी का जज्बा था। आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव-2022 के दौरान 47 डिग्री की तपती दोपहरी में रानी की सराय बाजार में प्रचार के दौरान अस्वस्थ होने के बावजूद चौधरी साहब काफिले के साथ पैदल चलते रहे। उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं रुके।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में जब नेताजी मुलायम सिंह यादव जसवंतनगर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे और तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार ने सपा नेताओं को मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया था, तब बलिया, गाजीपुर और आजमगढ़ की धरती के नेताओं ने चुनाव की कमान संभाली थी। इसमें रामगोविंद चौधरी अग्रिम पंक्ति में थे।
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धर्मेंद्र यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने रामगोविंद चौधरी को हमेशा कठिन सीट पर चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन उन्होंने हर बार जीत हासिल की। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उनसे मिलने पहुंचे थे, तब भी वह क्षेत्र में जाने की जिद कर रहे थे।
अध्यक्षता उदय बहादुर सिंह ने की, जबकि संचालन बीरबल राम ने किया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष सुनील मौर्य, विधायक जियाउद्दीन रिजवी, जयप्रकाश अंचल, संजय उपाध्याय, डॉ. विश्राम यादव, हरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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धर्मेंद्र यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी के भीतर बलिया की मिट्टी का जज्बा था। आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव-2022 के दौरान 47 डिग्री की तपती दोपहरी में रानी की सराय बाजार में प्रचार के दौरान अस्वस्थ होने के बावजूद चौधरी साहब काफिले के साथ पैदल चलते रहे। उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं रुके।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में जब नेताजी मुलायम सिंह यादव जसवंतनगर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे और तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार ने सपा नेताओं को मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया था, तब बलिया, गाजीपुर और आजमगढ़ की धरती के नेताओं ने चुनाव की कमान संभाली थी। इसमें रामगोविंद चौधरी अग्रिम पंक्ति में थे।
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धर्मेंद्र यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने रामगोविंद चौधरी को हमेशा कठिन सीट पर चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन उन्होंने हर बार जीत हासिल की। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उनसे मिलने पहुंचे थे, तब भी वह क्षेत्र में जाने की जिद कर रहे थे।
अध्यक्षता उदय बहादुर सिंह ने की, जबकि संचालन बीरबल राम ने किया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष सुनील मौर्य, विधायक जियाउद्दीन रिजवी, जयप्रकाश अंचल, संजय उपाध्याय, डॉ. विश्राम यादव, हरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।