बलिया में बेखौफ बदमाश : खनन माफिया के राज में नतमस्तक हैं अधिकारी, अवैध धंधा जोरों पर
पुलिस-प्रशासन और खनन विभाग की सरपरस्ती में मौरंग का बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध धंधा। यह पूरा अवैध काम दिन-रात पुलिस, प्रशासन व खनन विभाग की सरपरस्ती में हो रहा है। जिम्मेदार आंखें बंद किए हुए हैं। अमर उजाला ने पड़ताल की तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया।
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बलिया जिले में खनन माफिया का राज है। मिट्टी व रेत के अवैध खनन के अलावा लाल बालू (मौरंग) का बहुत बड़े पैमाने पर अवैध धंधा चल रहा है। बिहार से गंगा के रास्ते नाव से लाल बालू बलिया में गंगा के घाटों तक पहुंचती है। यहां से यूपी के कई जिलों में आपूर्ति की जाती है। यह पूरा अवैध काम दिन-रात पुलिस, प्रशासन व खनन विभाग की सरपरस्ती में हो रहा है। जिम्मेदार आंखें बंद किए हुए हैं। अमर उजाला ने पड़ताल की तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया।
जिले के दोकटी व बैरिया थानाक्षेत्रों के कई घाटों पर लाल बालू का अवैध बाजार लगता है। पड़ताल के दौरान अमर उजाला की टीम दोकटी इलाके के शिवपुर घाट पर पहुंची। यहां पर पांच-छह बड़ी नावें खड़ी मिलीं। इन पर लदी मौरंग को मजदूर ट्राॅलियों में लाद रहे थे। पूरे घाट पर कई टन लाल बालू के दर्जनों ढेर लगे मिले। यही हाल सतीघाट, दोकटी दियारा घाट, चांददियर इलाका, भवनटोला घाट व अठगांवा में है। अमर उजाला की टीम अब जल्द ही रेत और मिट्टी खनन के अवैध कारोबार का भी राजफाश करेगी।
बात करने से कतराते रहे बड़े अफसर
पूरे मामले में बलिया डीएम इंद्र विक्रम सिंह व बलिया एसपी राज करन नय्यर से संपर्क करने का प्रयास किया गया।
- एक-दो बार उनके पीआरओ ने सीयूजी नंबर की कॉल रिसीव की।
- इसके बावजूद अफसरों ने अपना पक्ष नहीं दिया। तमाम कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।
फोटो खींचने पर जताई आपत्ति, रुका काम
खनन माफिया के तमाम गुर्गे इन जगहों पर मौजूद रहते हैं। अमर उजाला की टीम पहुंची, तो ये सतर्क हो गए। फोटो व वीडियो बनाते वक्त एक ने आपत्ति जताई। कुछ देर काम रुका, फिर दोबारा शुरू हो गया। इस बीच, गुप्त कैमरे से अवैध कारोबार की एक-एक तस्वीर कैद की गई। और काट दिया फोन्र खनन अधिकारी जितेंद्र यादव से जब इस बारे में सवाल पूछा गया, तो जवाब मिला कि कहीं भी अवैध खनन या लाल बालू का अवैध कारोबार नहीं चल रहा है। उनसे साक्ष्यों की बात कही गई, तो किसी अधिकारी के फोन आने की बात कहकर कॉल काट दी। उसके बाद कॉल रिसीव नहीं की।