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Ballia News: खुद घर से गया था चक्की मालिक, पिटाई से था आहत
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बलिया। सुखपुरा थाना क्षेत्र के घोसवती गांव में तीन मई को कई वाहनों के साथ हमला बोलकर चक्की मालिक अजय तिवारी के अपहरण के मामले में मंगलवार को पुलिस को बड़ी राहत मिली। चक्की मालिक एसपी ऑफिस में पहुंचा और स्वयं घर से जाने की बात स्वीकार की। कथित अपहरण के इस मामले में पुलिस की पिछले 10 दिनों से काफी किरकिरी हो रही थी।
मंगलवार को पुलिस लाइन में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि अपहृत अजय कुमार तिवारी की बरामदगी के लिए जगह जगह सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रानिक माध्यम से सुरागरसी की जा रही थी। 12 मई की शाम अजय कुमार तिवारी एसपी कार्यालय में स्वयं उपस्थित हुए। बताया कि मेरा अपहरण नहीं हुआ था। मैं स्वयं से चला गया था। अजय कुमार तिवारी ने बताया कि 30 अप्रैल को उनके पुत्र महामृत्युजंय तिवारी व परिजनों के साथ हुई मारपीट के काफी व्यथित थे। तीन मई रात एक-दो बजे के बीच अपनी पत्नी को बता कर घर से निकल गया था। पैदल ही खेत के रास्ते बरवां से बलिया होते हुए गंगाजी के किनारे होता हुआ जमनिया-चंदौली बॉर्डर तक चला गया।
11 मई को चिंता हुई कि परिवार वाले परेशान हो रहे होंगे। इसलिए जमनिया से ट्रेन से बक्सर और फिर बलिया आया। बलिया में अपने कई परिचितों से मिला। कुछ परिचितों ने बताया कि परिजनों ने अपहरण का मुकदमा लिखवाया है।
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इसके बाद एसपी कार्यालय आया। एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि अजय तिवारी की सकुशल वापसी के तथ्यों का मिलान कराया जा रहा है। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि घोसवती गांव में 30 अप्रैल को रामाश्रय यादव के घर बरात आई थी। बरात में शामिल दो युवक अजय तिवारी के दरवाजे पर लघुशंका करने लगे।
अजय तिवारी के पुत्र मृत्युंजय तिवारी ने मना किया तो युवकों ने उसकी और बीचबचाव करने आए परिजनों की पिटाई कर दी थी। मृत्युंजय के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। डायल-112 पुलिस ने दो युवक को हिरासत में लिया था। संवाद
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मंगलवार को पुलिस लाइन में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि अपहृत अजय कुमार तिवारी की बरामदगी के लिए जगह जगह सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रानिक माध्यम से सुरागरसी की जा रही थी। 12 मई की शाम अजय कुमार तिवारी एसपी कार्यालय में स्वयं उपस्थित हुए। बताया कि मेरा अपहरण नहीं हुआ था। मैं स्वयं से चला गया था। अजय कुमार तिवारी ने बताया कि 30 अप्रैल को उनके पुत्र महामृत्युजंय तिवारी व परिजनों के साथ हुई मारपीट के काफी व्यथित थे। तीन मई रात एक-दो बजे के बीच अपनी पत्नी को बता कर घर से निकल गया था। पैदल ही खेत के रास्ते बरवां से बलिया होते हुए गंगाजी के किनारे होता हुआ जमनिया-चंदौली बॉर्डर तक चला गया।
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11 मई को चिंता हुई कि परिवार वाले परेशान हो रहे होंगे। इसलिए जमनिया से ट्रेन से बक्सर और फिर बलिया आया। बलिया में अपने कई परिचितों से मिला। कुछ परिचितों ने बताया कि परिजनों ने अपहरण का मुकदमा लिखवाया है।
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इसके बाद एसपी कार्यालय आया। एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि अजय तिवारी की सकुशल वापसी के तथ्यों का मिलान कराया जा रहा है। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि घोसवती गांव में 30 अप्रैल को रामाश्रय यादव के घर बरात आई थी। बरात में शामिल दो युवक अजय तिवारी के दरवाजे पर लघुशंका करने लगे।
अजय तिवारी के पुत्र मृत्युंजय तिवारी ने मना किया तो युवकों ने उसकी और बीचबचाव करने आए परिजनों की पिटाई कर दी थी। मृत्युंजय के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। डायल-112 पुलिस ने दो युवक को हिरासत में लिया था। संवाद