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संगीतमयी प्रस्तुति से भक्त हुए विभोर
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:41 PM IST
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में रविवार को नगर के टाउन हाल बापू भवन के सभागार में श्री हरिकथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी अर्जुनानंद ने संगीतमयी प्रस्तुति एवं प्रवचन से भक्तों को भक्तिज्ञान की सरिता में गोता लगवाया।
इस अवसर पर स्वामी अर्जुनानंद महाराज ने भक्तों के समक्ष अपनी संगीतमयी प्रस्तुति के उपरांत कहा कि श्री हरि सबके भगवान हैं। अगर कोई भी व्यक्ति श्रीहरि के गुणों को नहीं जानता तो वह आदमी नहीं है। इस दौरान भगवान विष्णु के विभिन्न गुणों को बताया। कहा कि भगवान सबके बारे में सोचते रहते हैं।
मानव का कर्म भी भगवान से मिलन के रास्ते मेें सहायक बनता है। ऐसे में हम सभी को प्रतिदिन ऐसा कार्य करना चाहिए। जिससे उसके आगे का भविष्य सुखमय हो। हम अपने बारे में कम सोचते हैं।
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जबकि लोग दूसरों के बारे में सोचकर अधिक परेशान रहते हैं। कथा रस की वर्षा करते हुए श्री अर्जुनानंद महाराज ने कहा कि हमे सबके बारे में सोचना होगा। तभी देश की तरक्की हो सकती है। महिलाओं को एक से बढ़कर एक संस्मरण सुनाएं। इस दौरान नगर सहित आसपास के इलाकों के सैकड़ों श्रद्धालु नर-नारी उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर स्वामी अर्जुनानंद महाराज ने भक्तों के समक्ष अपनी संगीतमयी प्रस्तुति के उपरांत कहा कि श्री हरि सबके भगवान हैं। अगर कोई भी व्यक्ति श्रीहरि के गुणों को नहीं जानता तो वह आदमी नहीं है। इस दौरान भगवान विष्णु के विभिन्न गुणों को बताया। कहा कि भगवान सबके बारे में सोचते रहते हैं।
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मानव का कर्म भी भगवान से मिलन के रास्ते मेें सहायक बनता है। ऐसे में हम सभी को प्रतिदिन ऐसा कार्य करना चाहिए। जिससे उसके आगे का भविष्य सुखमय हो। हम अपने बारे में कम सोचते हैं।
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जबकि लोग दूसरों के बारे में सोचकर अधिक परेशान रहते हैं। कथा रस की वर्षा करते हुए श्री अर्जुनानंद महाराज ने कहा कि हमे सबके बारे में सोचना होगा। तभी देश की तरक्की हो सकती है। महिलाओं को एक से बढ़कर एक संस्मरण सुनाएं। इस दौरान नगर सहित आसपास के इलाकों के सैकड़ों श्रद्धालु नर-नारी उपस्थित रहे।