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Ballia News: मार्च में ही गर्मी दिखाने लगी तेवर, 35 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान
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नरही। अभी आधा मार्च का महीना ही बीता है, लेकिन गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री जा पहुंचा है, जो इस मौसम में सामान्य से तीन से चार डिग्री अधिक है।
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अगले एक सप्ताह में तापमान और बढ़ने की संभावना है। पिछले साल मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था। इस साल ठंड के दिनों दिसंबर से फरवरी के बीच बारिश 96 प्रतिशत कम हुई है और शीतलहर भी कम रही। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के मुताबिक 17 मार्च से उत्तर पश्चिम हवा के चलन के कारण तापमान में बदलाव होता रहेगा।
तापमान अधिक होने के कारण गेहूं की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में गेहूं के खेतों में सिंचाई की आवश्यकता पड़ेगी। हवा चलने के कारण फसलों के गिरने की संभावना बढ़ जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के अध्यक्ष डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि तापमान अधिक होने के कारण गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरसों, मटर, मसूर, चना की कटाई-मड़ाई कार्य शुरू हो गया है। तापमान को लेकर परवल, करेला, लौकी, नेनुआ, खीरा, ककड़ी, तरबूज खरबूज की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं।
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मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अगले एक सप्ताह में तापमान और बढ़ने की संभावना है। पिछले साल मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था। इस साल ठंड के दिनों दिसंबर से फरवरी के बीच बारिश 96 प्रतिशत कम हुई है और शीतलहर भी कम रही। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के मुताबिक 17 मार्च से उत्तर पश्चिम हवा के चलन के कारण तापमान में बदलाव होता रहेगा।
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तापमान अधिक होने के कारण गेहूं की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में गेहूं के खेतों में सिंचाई की आवश्यकता पड़ेगी। हवा चलने के कारण फसलों के गिरने की संभावना बढ़ जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के अध्यक्ष डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि तापमान अधिक होने के कारण गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरसों, मटर, मसूर, चना की कटाई-मड़ाई कार्य शुरू हो गया है। तापमान को लेकर परवल, करेला, लौकी, नेनुआ, खीरा, ककड़ी, तरबूज खरबूज की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं।
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