बलिया: महिला शिक्षक सम्मान समारोह में प्रधानाध्यापिका ने सहायक अध्यापक को जड़ा थप्पड़, वीडियो हो रहा वायरल
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं मौजूद रहे और घटना में उनकी भूमिका संदिग्ध रही।
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बलिया में चिलकहर बीआरसी पर ब्लॉक स्तरीय महिला शिक्षक सम्मान समारोह में किसी बात को लेकर सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापिका आपस में भिड़ गए। मौके पर उपस्थित शिक्षकों ने काफी मशक्कत के बाद मामला शांत कराया। हालांकि घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानाध्यापिका सहायक अध्यापक को थप्पड़ मारते दिख रही है।
जबकि सहायक अध्यापक भी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर रहा है। दोनों पक्षों ने मामले की लिखित तहरीर गडवार पुलिस को दे दी है। वहीं इस घटना को लेकर खूब चर्चा हो रही है। घटना का संज्ञान लेते हुए बीएसए शिवनारायन सिंह ने खंड शिक्षाधिकारी हनुमानगंज और मुरलीछपरा को मामले की तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
बुधवार को चिलकहर बीआरसी पर महिला शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी शिक्षिकाएं पहुंची हुई थीं। इस दौरान एक सहायक अध्यापक मानवेंद्र सिंह महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष रंजना पांडेय से कार्यक्रम में जबरन शामिल होने की जिद करने लगा। जिस पर प्रधानाध्यापिका ने ऐतराज जताया और बात बढ़ती गई। जिसपर प्रधानाध्यापिका ने सहायक अध्यापक को थप्पड़ जड़ दिया।
मामला इतने पर नहीं रुका बल्कि प्रधानाध्यापिका सहायक अध्यापक को चप्पल निकालकर मारने के लिए भी दौड़ गई। मौके पर मौजूद शिक्षकों ने किसी तरह मामले को शांत कराया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर समय खूब वायरल होने लगा। घटना के बाद कार्यक्रम स्थगित हो गया। प्रधानाध्यापिका रंजना पांडेय ने इसकी लिखित तहरीर गड़वार पुलिस को दे दी है।
उधर, शिक्षक मानवेंद्र सिंह ने भी इसकी लिखित तहरीर गड़वार पुलिस को दी है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक श्रीधर पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों से गड़वार थाने पर तहरीर मिली है, लेकिन मतगणना को लेकर जिला मुख्यालय पर हम लोगों की ड्यूटी लगी हुई है कल के बाद ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।
अपने-अपने तर्क
प्रधानाध्यापिका रंजना पांडेय का कहना है कि महिला सशक्तिकरण चौपाल कार्यक्रम के लिए ब्लॉक के सभी विद्यालयों की महिला अध्यापकों को बुलाया गया था, जिसकी सूची बनी थी। खंड विकास अधिकारी ने अपनी अलग से सूची बनवा दिया था, जिसकी वजह से वहां भीड़ हो रही थी। मानवेंद्र सिंह एक महिला अध्यापक को बैठने से रोक रहा था, इसलिए मुझे यह कदम उठाना पड़ा।
वहीं, सहायक अध्यापक मानवेंद्र सिंह का कहना है कि महिला सशक्तिकरण का कार्यक्रम था, जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा हम लोगों को भी बुलाया गया था। कार्यक्रम भी शुरू होने वाला ही था कि प्रधानाध्यापिका मुझे थप्पड़ से मारने लगी और चप्पल निकालकर धमकी देने लगी, जिसकी तहरीर में गड़वार थाने में दे दिया हूं।
बात करने से कन्नी काट गए बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी बंशीधर श्रीवास्तव से जब फोन से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाने के बाद आधे घंटे बाद फोन करने की बात कह कर फोन काट दिया। उसके बाद बात नहीं की। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं मौजूद रहे और घटना में उनकी भूमिका संदिग्ध रही।