बलिया। सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ आज से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। घर की साफ-सफाई के साथ ही नहाय-खाय के साथ महिलाएं व्रत की शुरुआत करेंगी। इस दौरान नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की गलियों में छठी मइया के गीत गूंजते रहे। चार दिनों तक चलने वाले इस व्रत में शुद्धता और स्वच्छता की विशेष ध्यान रखा जाता है। आज महिलाएं चने की दाल, लौकी की सब्जी और अरवा चावल खाकर पर्व की शुरुआत करेंगी।
सोमवार को नहाय-खाय होने के कारण रविवार को नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र के चट्टी चौराहे पर लौकी की जबरदस्त मांग रही। सोमवार की शाम चने की दाल, लौकी की सब्जी और अरवा चावल का भात खाकर पर्व की शुरुआत करेंगी। अगले दिन मंगलवार (09 नवंबर) को निर्जला व्रत (खरना) रखकर शाम को गुड़ निर्मित खीर, रोटी और फल से पारण करेंगी। वहीं, बुधवार (10 नवंबर) को षष्ठी तिथि को निर्जला व्रत रहेंगी और शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसके बाद, बृहस्पतिवार (11 नवंबर) सप्तमी तिथि को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के मंगलमय की कामना करते हुए पारण करेंगी। छठ की तैयारी के लिए घरों में महिलाओं ने गेहूं धोना शुरू कर दिया है।